करनाल। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा कि पुलिस सुरक्षा देना या वापस लेना कोई तमाशा नहीं है। किसी भी व्यक्ति को सुरक्षा देने से पहले जिला स्तर पर एसपी की ओर से मौका मुआयना किया जाता है और सीआईडी की रिपोर्ट ली जाती है। अगर किसी को जरा सा भी खतरा नजर आता है तो उसे पूरा सुरक्षा कवर दिया जाता है। वह रविवार को मधुबन पुलिस अकादमी में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के लिए पुलिस की तीन मुख्य प्राथमिकताएं लोगों को धमकी न मिले, नशे के नेटवर्क को तोड़ना और सट्टेबाजी व शराब के अड्डे को बंद करवाना है।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस ने साढ़े चार हजार अपराधियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा। इन लोगों से हजारों हथियार और गोलियां बरामद हुईं। इनसे पूछताछ में सामने आया कि ये लोग 107 मर्डर करने की योजना में थे। इस तरह पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने मर्डर प्लान को फेल कर दिया। इसके अलावा अपराध में शामिल पाए जाने पर करीब 200 से ज्यादा लोगों की जमानत रद्द करवाई गई। इसके अलावा पुलिस 2025 में 11 गैंगस्टर को विदेशों से पकड़कर ला चुकी है। जोकि विदेश से बैठकर हरियाणा में आपराधिक वारदात करवाते थे। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर और उनके नेटवर्क की ग्राउंड लेवल पर मारक क्षमता को खत्म करने का काम लगातार चल रहा है। उनकी प्रॉपर्टी अटैच की जा रही है, उन्हें डि-ग्लैमराइज किया जा रहा है और जो लोग उनकी फंडिंग या पैसे हैंडल करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के पास 70 हजार फोर्स और लेटेस्ट टेक्नॉलॉजी
डीजीपी ओपी सिंह ने वसूली के लिए किए जाने वाली कॉल के बारे में कहा कि ज्यादातर कॉल बकवास होती हैं। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर की भाषा अक्सर भिखारी की तरह गिड़गिड़ाने वाली होती है। भाई साहब हमारा भी ख्याल कर लो। उन्होंने कहा कि यह कोई असली धमकी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि गैंगस्टर नहीं हैं लेकिन हरियाणा पुलिस के सामने उनकी कोई हैसियत नहीं है। पुलिस के पास करीब 70 हजार की फोर्स है और आधुनिक तकनीक के हथियार हैं। ऐसे में गैंगस्टर हरियाणा पुलिस के सामने टिक नहीं पाएंगे। वहीं उन्होंने कहा कि जो लोग गैंगस्टरों का महिमा मंडन करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि यह (गैंगस्टर) सांप है और काटेगा ही। ऐसे लोगों को आगे बढ़ाने से समाज का ही नुकसान होता है।
फोटो खिंचवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को किया जा चुका निलंबित
डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि हाल ही में पानीपत में चार गनमैन किसी व्यक्ति को सिक्योरिटी के तौर पर दिए गए थे। जैसे ही सिक्योरिटी मिली, वह विजिटरों को बुलाने लगा, बुके दिए जा रहे थे और दोनों गनमैन फोटो खिंचवा रहे थे। जब यह तस्वीर उनके पास पहुंची तो उन्होंने तत्काल चारों गनमैन को निलंबित करने के निर्देश दिए।