लोकसभा चुनाव 2014 की नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 15 से 22
मार्च तक करनाल लोकसभा सीट के लिए 33 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए,
जबकि कुल नामांकनों की संख्या 41 है।
कई उम्मीदवारों ने दो-दो नामांकन भरे
हैं। नामांकन के आखिरी दिन 16 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन जिला निर्वाचन
अधिकारी बलराज सिंह को सौंपे। शनिवार को भाजपा के प्रत्याशी अश्विनी कुमार
ने नामांकन दाखिल किया। उनकी पत्नी किरण चोपड़ा ने उनके कवरिंग उम्मीदवार
के रूप में नामांकन किया। अश्विनी कुमार का नामांकन कराने के लिए पार्टी
प्रदेशाध्यक्ष प्रो. रामबिलास शर्मा पहुंचे थे।
अश्विनी कुमार चोपड़ा के
पास जेड श्रेणी की सिक्योरिटी है। इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल के अजीत
सिंह ने अपना नामांकन भरा। उनके साथ आए दलपिंद्र सिंह ने कवरिंग उम्मीदवार
के रूप में परचा दाखिल किया। इसके अतिरिक्त ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक पार्टी
से आशीष और राष्ट्रीय कर्म योगी पार्टी से देवेंद्र सिंह ने नामांकन दाखिल
किए। ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक पार्टी से नामांकन भरने वाले आशीष शर्मा
पहले भी आजाद उम्मीदवार के रूप में नामांकन कर चुके हैं।
हजकां में बगावत, तेग सिंह ने भरा परचा
करनाल
सीट भाजपा के खाते में जाने और यहां से बाहरी उम्मीदवार को टिकट देने से
खफा हजकां बीसी सेल के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष तेग सिंह तखाणा ने पार्टी
से बगावत कर दी। उन्होंने शनिवार को हजकां पार्टी छोड़ते हुए भाजपा के
उम्मीदवार के खिलाफ अपना नामांकन दाखिल किया।
इन्होंने किया नामांकन
दिनेश
शर्मा ने आजाद उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया। दिनेश शर्मा खुद
को कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. अरविंद शर्मा की बुआ के बेटे बताते हैं।
उन्होंने कहा कि जब समुद्र में बड़ी मछलियां होती हैं तो छोटी मछलियाें को
कोई नहीं पूछता। उन्होंने अपना वजूद खड़ा करने के लिए नामांकन किया है।
इसके अलावा सावित्री, महमूद हसन, शशी सैनी, राजेश कुमार, शिव प्रसाद,
अरविंद तिवारी, मदन कुमार व मंजीत आदि ने भी अपने नामांकन दाखिल किए।
जलसा-जुलूस से पहले अनुमति जरूरी
जिला
निर्वाचन अधिकारी बलराज सिंह ने नामांकन करने वाले सभी उम्मीदवारों को
आचार संहिता की हिदायतें जारी की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को चुनाव से
जुड़ी जो सामग्री दी गई है, उसका अच्छी तरह अध्ययन कर लें। किसी भी
धार्मिक स्थल को जनसभा के लिए इस्तेमाल न करें। जलसा या जुलूस निकालने से
पहले उसकी अनुमति प्रशासन से ले लें। चुनाव प्रचार में लगाए जाने वाले
वाहनों की अनुमति व लाउड स्पीकर की भी अनुमति लें। हर उम्मीदवार खर्चे का
हिसाब रखने के लिए एक-एक एजेंट भी रखें। खर्चे का रजिस्टर लगा हो, जिसमें
उम्मीदवारों द्वारा खोले गए डेडिकेटिंग बैंक खाते से निकाली गई राशि का हर
दिन का विवरण भरा जाए।