संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पंजाबी समाज की महिलाओं ने बुधवार को कार्तिक मास की पूर्णिमा पर कोठियों वाला व्रत रखा। शाम के समय महिलाओं ने श्री सनातन धर्म मंदिर, पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित मंदिरों और अपने-अपने घरों के पास बने मंदिरों में ईंटों से प्रतीकात्मक कोठियां बनाकर दीपदान किया। विधिवत पूजा की।
पूजा के उपरांत महिलाओं ने कथा सुनी और व्रत का समापन किया। कथा सुनाने वाली ज्योति और ज्योति शर्मा ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा पर कोठियों वाला व्रत रखने की परंपरा बहुत पुरानी है। मान्यता है कि जितनी बड़ी ईंटों की कोठियां बनाई जाती हैं, भगवान उतनी ही बड़ी कोठी (सुख-समृद्धि) प्रदान करते हैं।
तुलसी के समक्ष जलाई 365 बत्तियां
श्री सनातन धर्म मंदिर में पूजा करने पहुंचीं 85 वर्षीय रंजना और 70 वर्षीय शमा ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी जी के समक्ष 365 बत्तियां जलाने का विधान है। ऐसा माना जाता है कि यदि वर्ष के किसी दिन दीपक जलाना छूट गया हो, तो इस दिन विष्णु भगवान और तुलसी के समक्ष 365 बत्तियां जलाकर उसकी भरपाई की जा सकती है।