करनाल। अटल पार्क में सार्थक सांस्कृतिक संघ की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ों और बच्चों की प्रस्तुति देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। गायक विनोद शर्मा ने मां भगवती का गुणगान के बाद ये रेशमी जुल्फें, ये शरबती आंखें इन्हें देखकर जी रहे हैं सभी गीत सुनाया।
कार्यक्रम में आयुषी ने पंजाबी लोकगीत नचदे गांदे रौनक लांदे गलियां तो रश लांदे और आइया नी हूंन जागो आइया गाकर विवाह समारोह की याद ताजा कर दी। आयुषी ने हरियाणवी लोकगीत अपना रूप रंग सजाऊं मेहंदी हाथों में लगवाऊं पायल कंगन भी मंगवाऊं फेर नीर भरण नै जाऊं गीत पर नृत्य किया।
अलीशा ने 52 गज का दामन पहर मटक के चालूंगी पर नृत्य किया। नृत्य शिक्षिका खुशी चावला द्वारा तैयार बच्चों की प्रस्तुति एकदंताय वक्रतुंडाय तान्याय धीमहि प्रस्तुति ने दर्शकों का मनमोह लिया तथा खूब तालियां बटोरी। संचालन सुशांत लखनपाल ने किया। सार्थक के अध्यक्ष और फिल्म टीवी निर्देशक संजीव लखन पाल ने कहा कि यह कार्यक्रम सबके लिए निशुल्क है।
संघ स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे आयोजन करता रहता है। आयोजन हर महीने के पहले रविवार को अटल पार्क में शाम चार बजे से छह बजे तक किया जाता है। संवाद