माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खरीफ सीजन की फसलों के लिए अब जिलेभर के किसानों को डीएपी और यूरिया के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि अब इनकी जिले में किल्लत नहीं होगी। जिले में खरीफ सीजन में लगभग 5.30 लाख एकड़ में विभिन्न फसलों की कास्त की जा रही है। इसमें लगभग 4.50 लाख एकड़ में धान, 42 हजार एकड़ में गन्ना और 38 हजार एकड़ में अन्य दूसरी फसलों की बिजाई है। इन सभी खरीफ फसलों के लिए जिले में लगभग 95 हजार एमटी यूरिया और 20 हजार एमटी डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। जिले में अब तक डीएपी खाद की आपूर्ति लगभग पूरी हो चुकी है। वहीं यूरिया खाद की 70 हजार 244 एमटी की बिक्री की जा चुकी है।
यूरिया और डीएपी व अन्य खादों की आवश्यकता अनुसार मांग व पूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए जिला में खाद विक्रेताओं द्वारा टैगिंग, कालाबाजारी व अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम के लिए उपनिदेशक करनाल के साथ गुण नियंत्रक निरीक्षक, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी द्वारा जिला की विभिन्न दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान दुकानों पर स्टॉक बोर्ड लगे हुए पाए गए तथा सभी दस्तावेज दुरूस्त मिले। किसानों व विक्रेताओं को अवगत करवाया गया कि जिले में खाद की आपूर्ति पूर्ण है। गुणवत्ता जांच के लिए रजत फर्टिलाइजर तरावड़ी, सिंगला एग्रो एजेंसी तरावड़ी, श्रीधर इंटरप्राइजेज तरावड़ी से दो कीटनाशक व चार खाद के नमूने लिए गए हैं।