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प्राइवेट अस्पतालों का होगा ऑडिट

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कोरोना महामारी के चलते कोविड मरीजों से ज्यादा बिल वसूलने वाले प्राइवेट अस्पतालों की अब खैर नहीं है। डीसी ने सभी प्राइवेट अस्पतालों के ऑडिट करने के निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि जिन प्राइवेट अस्पतालों ने कोविड मरीजों से ज्यादा रुपये वसूले हैं उन पर कार्रवाई की जाए। लघु सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान डीसी निशांत कुमार यादव ने सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेटों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
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डीसी ने यह भी कहा कि यदि किसी प्राइवेट अस्पताल ने मरीजों से ज्यादा बिल वसूला है तो उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तरह मामला दर्ज होगा। ऑडिट में कोरोना से ठीक हुए मरीजों से बात की जाएगी और मरीजों से बिल लेकर अस्पताल में ऑडिट किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले डीसी ने जीटी रोड स्थित पार्क अस्पताल की जांच कराई थी, जिसमें अस्पताल प्रबंधन द्वारा सरकार द्वारा निर्धारित रेट से अधिक रुपये वसूलना पाया गया है। बैठक में एसीयूटी प्रदीप सिंह, एमडी शुगरमिल और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की मॉनीटरिंग की नोडल अधिकारी अदिति, सीईओ जिला परिषद गौरव कुमार, सीटीएम अभय सिंह जांगड़ा, संयुक्त निगमायुक्त गगनदीप सिंह और ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौजूद रहे।
मार्च से मई महीने में ठीक हुए मरीजों के बिल से होगा ऑडिट
डीसी ने बताया कि मार्च से मई माह तक जो कोविड मरीज निजी अस्पतालों से डिस्चार्ज हुए हैं, उनके संपर्क नंबर और इलाज खर्च के बिल का रिकॉर्ड अस्पतालों से लेकर ऑडिट शुरू किया जाएगा। सभी बिल चेक किए जाएंगे। विसंगति पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
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लिए गए हैं अतिरिक्त चार्ज, डीसी को सौंपी गई है रिपोर्ट
कुछ दिन पहले असंध निवासी एक व्यक्ति ने पार्क अस्पताल पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने पीपीई किट के हर रोज के दो हजार रुपये बिल में जोड़ हुए हैं और पीपीई किट के 21 दिन के करीब 42 हजार रुपये लगाए हुए हैं। यह मामला जब डीसी के संज्ञान में आया तो उन्होंने शुगर मिल एमडी की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया और इस मामले की जांच कराई। टीम ने जांच रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है। शुगर मिल एमडी अदिति ने बताया कि रिपोर्ट में सामने आया है अस्पताल प्रबंधन ने पीपीई, टीके व टेस्ट के अतिरिक्त रुपये लिए हुए हैं। यह रिपोर्ट डीसी को सौंप दी गई है।
कोरोना के 98 और ब्लैक फंगस के सात केस आए सामने, 203 ने दी महामारी को मात
करनाल। जिले में मंगलवार को कोरोना के 98 केस सामने आए हैं और ब्लैक फंगस के सात मरीज मिले हैं। वहीं कोरोना से 3 मरीजों की जान चली गई है। राहत की बात है कि 203 मरीज ठीक होेकर घर लौट गए हैं। अब जिला का पॉजिटिविटी रेट 8.41 प्रतिशत और रिकवरी रेट 95.89 प्रतिशत तथा मृत्यु दर 1.30 प्रतिशत है। ब्लैक फंगस की बात करें तो अभी तक 71 मामले सामने आ चुके हैं और 12 मरीजों की जान चली गई है।
ये हैं कोरोना के हालात
कुल सैंपल लिए - 364776
निगेटिव रिपोर्ट - 325816
पॉजिटिव - 39241
ठीक हुए - 37630
एक्टिव केस - 1100
मौत हुई - 511
हलवाना में नहीं टूट रही कोरोना की चेन
हलवाना गांव में कोरोना की चेन नहीं टूट रही है। मंगलवार को भी 12 मामले सामने आए हैं। इससे अलग 5 मामले गांव अरडाना के, तीन घरौंडा सीएचसी के शामिल हैं। कोरोना पॉजिटिव में विद्यार्थी सहित अन्य शामिल हैं।
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