- कार्यकारी अभियंता ने जल जीवन मिशन में किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जांची
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। घरों से टैंकरों के माध्यम से खाली की गई कुई का मल साथ लगते सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में ही डाला जाए। यदि कोई टैंकर चालक खुले में मल का निस्तारण करता हुआ पाया जाए तो पर जुर्माना लगाया जाए। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी के कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अक्सर देखने में आया है कि टैंकर चालक एनजीटी के नियमों की अवहेलना कर टैंकर से मल का खुले में निस्तारण कर रहे है। ऐसे में वातावरण तो दूषित होता ही है। वहीं इस क्षेत्र की हरियाली भी नष्ट हो जाती है।
कार्यकारी अभियंता ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व जल जीवन मिशन की टीम के साथ बैठक की। उन्होंने सभी मौजूद अधिकारियों से अभी तक जिला में हुए विकास कार्यों की रिपोर्ट ली और उन्हें लंबित कार्यों को पूर्ण करने में तेजी लाने के आदेश भी दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत करनाल व पानीपत में अच्छा कार्य हुआ है दोनों ही जिलों ने अपने निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया है। अब विभाग के अधिकारियों की उन कार्यों की निगरानी जिम्मेदारी बनती है। वहीं जिला में अमृत योजना के तहत नगर निगम व नगर पालिका क्षेत्र में हुए कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस मौके पर जल जीवन मिशन से जिला सलाहकार व खंड संसाधन समन्वयक मौजूद रहे।