सामूहिक दुष्कर्म की शिकायतकर्ता और बाद में ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार महिला के पुलिस रिमांड को लेकर शुक्रवार को अदालत में सुनवाई होगी। दोनों पक्षों ने गुरुवार को अपनी-अपनी तैयारी की और दावा किया कि जीत उनकी होगी। देखना है कि पुलिस को रिमांड मिलता है या बचाव पक्ष को जमानत। रिमांड के बाद महिला की जमानत पर भी बहस होनी है।
21 अगस्त को महिला और उसके पति को सिविल लाइन थाना पुलिस ने सवा सात लाख रुपये लेते गिरफ्तार किया था। आरोप है कि महिला ने प्रताप स्कूल के मालिक अजय भाटिया, प्रिंसिपल और तहसीलदार के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ब्लैकमेल करके ये पैसे हासिल किये। पुलिस ने दंपति को अदालत में पेश कर रिमांड मांगा था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के कारण महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद पुलिस ने सेशन कोर्ट में रिवीजन की एप्लीकेशन लगाई थी। इस पर सेशन कोर्ट ने इसको मंजूर करते हुए 28 अगस्त सुनवाई की तारीख तय की थी। महिला के वकील विनय बंसल का कहना है कि हमारे पास पूरे सबूत हैं कि महिला को जबरदस्ती पैसे देकर फंसाया गया है। वहीं, इंस्पेक्टर संजीव कुमार का कहना है कि पुलिस के पास महिला द्वारा ब्लैकमेल करने के पुख्ता सबूत हैं। महिला ने पहले 6 लाख रुपये लिये थे, उसकी बरामदगी के लिए रिमांड की अपील की जाएगी। इसके अलावा, महिला का लैपटाप समेत अन्य इलेक्ट्रानिक सामान जिससे और सबूत मिल सकें, उनको भी बरामद करना है।
अटकी है एसआईटी जांच, आज से पकड़ेगी गति
हाईप्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म और महिला के खिलाफ पहले से ही दर्ज ब्लैकमेलिंग के केस को लेकर दो एसआईटी बनाई गई हैं। एसआईटी जांच कर रही हैं, लेकिन अभी फाइनल स्टेज पर नहीं पहुंची है। अब तक जांच में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हो पाई है। एसआईटी अब शिकायतकर्ता महिला से पूछताछ की तैयारी में है। क्योंकि केस दर्ज कराने के बाद से महिला से पूछताछ नहीं हो सकी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि महिला दुष्कर्म की न तो तिथि बता पाई न अभी तक कोई साक्ष्य उपलब्ध करा पाई है जिससे साबित हो कि दुष्कर्म हुआ है। क्योंकि महिला का आरोप है कि उसके साथ 2018 में दुष्कर्म हुआ था। एसआईटी हेड डीएसपी जगदीप सिंह दून का कहना है कि एसआईटी की जांच जारी है। महिला से पूछताछ के प्रयास जारी हैं। इसके बाद आगामी निर्णय लिया जाएगा।