जुंडला (करनाल)। कनाडा के सड़क हादसे में जान गंवाने वाले जुंडला के नवप्रीत के शव का शुक्रवार को जुंडला शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। कनाडा में 23 जनवरी को ट्रकों की भिड़त में जुंडला के 21 वर्षीय ट्रक ड्राइवर नवप्रीत की दर्दनाक मौत हो गई थी।
करीब 15 दिन बाद नवप्रीत का शव उनके पैतृक गांव जुंडला पंहुचा। जैसे ही एंबुलेंस शव को लेकर घर में प्रवेश हुई पूरा परिवार दहाड़ें मार कर रोने लगा। मृतक नवप्रीत की मां और पिता अपने पुत्र के शव से लिपटकर फूट फूट कर रोए। विलाप करते हुए मां कह रही थी कि हम से ऐसी कौन सी भूल हो गई है, जिसकी परमात्मा ने हमें इतनी बड़ी सजा दी है।
परिवार के अरमानों पर पानी फिर गया है। लोग कह रहे थे कि एक ओर माता-पिता अपने पुत्र के सिर पर सेहरा सजाने की तमन्ना लिए हुए थे और कुदरत ने उनके साथ इतना कहर बरपाया कि उनके पुत्र को उनसे हमेशा के लिए जुदा कर दिया। अब वह ऐसी जगह चला गया है जहां से नवप्रीत कभी लौट कर नहीं आएगा।
पिता गुरदेव सिंह ने पुत्र को मुखाग्नि दी। इस दुखद घड़ी में पूरा गांव नवप्रीत के अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ पड़ा। नवप्रीत करीब 15 महीने पहले ही अपने सपनों को साकार करने के लिए कनाडा गया था। पिता गुरदेव सिंह उसे विदेश नहीं भेजना चाहते थे।नवप्रीत के परिवार में माता-पिता व एक बड़ा भाई तरनप्रीत है जो अमेरिका में रहता है। नवप्रीत के ताऊ परमजीत सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले कनाडा में ट्रक दुर्घटना के दौरान नवप्रीत की जान चली गई थी। उस समय नवप्रीत ट्रक चला रहा था और सामने से आ रहे दूसरे ट्रक के साथ उसनकी भिड़ंत हो गई थी, जिसमें नवप्रीत की जान चली गई और उसके साथ दूसरा ड्राइवर भी करनाल के ही घीड गांव का बताया जा रहा है वह सुरक्षित बच गया। उन्होंने भारत सरकार से गुहार लगाई कि उनके बच्चे का शव भारत में लाने में उनकी मदद की जाए। शुक्रवार को नवप्रीत का शव कनाडा से भारत उनके घर पहुंचा। इस दुखद समाचार से न केवल घर के बल्कि गांव के लोग भी बहुत दुखी दिखाई दिए। चाचा कुलविंद्र सिंह संधू ने कहा कि नवप्रीत कुछ सपने लेकर विदेश गया था। उसके इस तरह से चले जाने पर जहां वो अपने सपने पूरे नहीं कर पाया। नवप्रीत की अंतिम अरदास सोमवार 10 फरवरी को कस्बा के गुरुद्वारा भगत धन्ना जी में होगी।