माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और उपायुक्त के निर्देशों का पालन अब तक नहीं हो सका है। भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड की ओर से जारी की गई एडवाइजरी पर भी काम शुरू नहीं हो पाया है। निगम महज 200 कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने की योजना बना रहा है। जबकि शहर में लावारिस कुत्तों की संख्या 20 हजार से ज्यादा है।
निगम के अधिकारियों ने अब तक शहर के आसपास केवल दो जगहों पर शेल्टर बनाने के लिए जगह देखी हैं। इन जगहों को भी फाइनल नहीं किया गया है। निगम 100-100 कुत्तों के लिए अलग-अलग शेड और अन्य इंतजाम करेगा। अनुमान है कि इस काम में भी दो से तीन माह लग सकते हैं। निगम की ओर से निर्धारित की गई एजेंसी कुत्तों की नसबंदी का काम तो कर रही है लेकिन कुत्तों को वापस वहीं छोड़ दिया जाता है जहां से उनको उठाया जाता है। निगम का दावा है कि अब तक करीब पांच हजार कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट और सरकार के निर्देशानुसार आक्रामक और संक्रमित कुत्तों को वापस छोड़ा नहीं जाना चाहिए।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला नागरिक अस्पताल, पार्क, शैक्षणिक संस्थाओं के परिसर में लावारिस कुत्ते घूमते देखे जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और प्रशासन के निर्देशों के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। हर माह कुत्ते काटने के 250 से 350 केस जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
यहां देखी जा रही है जमीन
अधिकारियों के अनुसार उन्होंने आवारा कुत्तों के शेल्टर के लिए सिरसी गांव और दाहा गांव से करनाल की तरफ जाने वाले रास्ते पर दो जगह देखी हैं। इनके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति ली जाएगी। इस संबंध में बुधवार को निगम अधिकारियों की बैठक होगी। जगह फाइनल होने के बाद शेल्टर के नियमों और एसओपी को ध्यान में रखते हुए निर्माण का प्लान तैयार किया जाएगा। शेड, पशुपालन विभाग के डॉक्टरों के लिए केबिन, ऑपरेशन थियेटर आदि का निर्माण होगा।
बनाई अधिकारियों की कमेटी
नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने करीब 40 दिन बाद नगर निगम में आयुक्त का पदभार संभाल लिया है। अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार ने लावारिस कुत्तों के विषय पर अधिकारियों की कमेटी बनाई है। निगम के डीएमसी अभय कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। टीम में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, सफाई एक्सईएन, मुख्य सफाई निरीक्षक और संबंधित एरिया के सफाई निरीक्षकों को शामिल किया गया है। डीएमसी अभय कुमार का कहना है कि अब निगम टीम जल्द ही आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर तैयार करेगा।