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Karnal News: इनहेलर छोड़ना पड़ा भारी, सांस रोगियों की बढ़ रही बीमारी

Wed, 03 Dec 2025 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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इनहेलर छोड़ना पड़ा भारी, सांस रोगियों की बढ़ रही बीमारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हेलर छोड़ना मरीजों को भारी पड़ रहा है। इससे बीमारी बढ़ रही है। स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि सांस फूलने, सीने में जकड़न और घरघराहट की शिकायतें बढ़ने के पिछले एक महीने में करीब 1200 लोगों को हॉस्पिटल पहुंचना पड़ा। उनको दोबारा इन्हेलर का उपयोग शुरू करना पड़ा है।
जिला नागरिक अस्पताल से श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप ने बताया कि जैसे-जैसे हवा की गुणवत्ता गिर रही है सांस के मरीजों की कतार ओपीडी में बढ़ रही है। ज्यादातर वे हैं जो बीच में थोड़ा सा सुधार होते ही इन्हेलर छोड़ चुके थे। बुधवार सुबह 10 बजे भी 240 से ऊपर एक्यूआई दर्ज किया गया, जो शाम 4 बजे तक 258 तक पहुंच गया। उन्होंने बताया कि यह सीधे तौर पर स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला स्तर है। ऐसे प्रदूषित वातावरण में इन्हेलर छोड़ना फेफड़ों की कार्यक्षमता को और कमजोर कर रहा है।
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ऑक्सीजन तक चढ़ानी पड़ रही
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से डॉ. अभिनव डागर का कहना है कि मौसम बदलते ही कई मरीज अपने आप दवाएं बंद कर रहे हैं, खासकर वे जिनका अस्थमा या एलर्जी का इतिहास है। कई लोग हल्का सुधार होते ही इन्हेलर रोक रहे हैं। लेकिन सर्दी और प्रदूषण के इस दौर में यही सबसे बड़ा ट्रिगर साबित हो रहा है। दिक्कतें गंभीर हो जाती है और सांस लेने में मुश्किलें अधिक बढ़ जाती है जिसके लिए ऑक्सीजन चढ़वाने की जरूरत पड़ जाती है। मुश्किल तब आती है जब पास में ऑक्सीजन की सुविधा न हो। इसलिए जरूरी है कि पहले ही सचेत रहें और
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- युवा भी हो रहे तेजी से शिकार

युवा भी सांस संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। सुबह-शाम की धुंध, पराली के धुएं के अंश, वाहन प्रदूषण और नमी फेफड़ों पर सीधा प्रहार कर रही है। जिला नागरिक अस्पताल और कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की सांस रोग ओपीडी में रोजाना के 250-300 मरीज आ रहे हैं। इनमें 25 प्रतिशत युवा होते हैं। इनमें लगातार खांसी, सीने में भारीपन, दौड़ने पर सांस फूलना और थकान जैसी दिक्कतें होती हैं। डॉ. प्रदीप ने बताया कि इन मरीजों के अलावा, 15 से 20 मरीज रोजाना आपातकालीन वार्ड में भर्ती हो रहे हैं जिन्हें सांस लेने में तकलीफ झेलनी पड़ रही है। इनमें अधिकतर 45 से अधिक उम्र के लोग शामिल हैं।


- डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर की सलाह पर ही इन्हेलर छोड़ें
धुंध वाले समय में बाहर निकलने से बचें

मास्क लगाना अनिवार्य करें

घर में धूल न जमा होने दें, वेंटिलेशन रखें
ठंड में पानी का सेवन कम न करें
पहले से बीमार मरीज अतिरिक्त सावधानी रखें
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