- खेल सामग्री की कमी, बिजली व शौचालय की व्यवस्था न होने से खिलाड़ परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कर्ण स्टेडियम के कुश्ती हॉल में सुविधाओं का अभाव है। यह हॉल इतना जर्जर हो चुका है कि बारिश के दिनों में इसकी छत से पानी टपकता है। इस जर्जर हॉल में ही खिलाड़ियों को अभ्यास करवाया जा रहा है जो किसी भी समय गिर सकता है। यहां न तो लाइट की पूरी व्यवस्था है और न शौचालय के उचित प्रबंध हैं। कुश्ती हॉल में कुश्ती से पहले वार्म अप होने के लिए खेल सामग्री की भी कमी है। इस कारण से यहां पहलवान परेशान हैं।
ऐसे में खिलाड़ियों के लिए बिना उपकरणों के तैयारी करना बड़ी चुनौती बन जाता है। करनाल के कुश्ती कोच वजीर सिंह ने बताया कि वह खिलाड़ियों को कुश्ती के दांव पेंच बारीकी से सिखा रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उनके सारे प्रयास सफल नहीं हो रहे हैं। कुश्ती खिलाड़ी नमन ने बताया कि देश के लिए सबसे ज्यादा पदक हरियाणा के खिलाड़ी लाते हैं, लेकिन खिलाड़ियों को कई सुविधाएं नहीं मिलती हैं। मौसम के खराब होते ही हॉल के अंदर इतना अंधेरा हो जाता है कि कुछ नजर नहीं आता।
कुश्ती खिलाड़ी साहिल ने बताया कि कुश्ती हॉल के दरवाजे व खिड़कियों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि किसी भी समय गिर सकते हैं। इनमें लगी दरवाजों की जाली पूरी तरह से टूटकर गिर चुकी है। हॉल में पंखों की व्यवस्था नहीं है। गर्मियों में अभ्यास करने में काफी दिक्कत होती है। कुश्ती खिलाड़ी लवप्रीत ने बताया कि कुश्ती हॉल की हालत काफी खराब है। कुश्ती हॉल का स्मार्ट सिटी परियोजना से निर्माणाधीन नए भवन में जल्द स्थानांतरण किया जाना था, लेकिन वह भी किसी कारण से रुक गया है।
रस्सी व भारोत्तोलन के उपकरण नहीं
कुश्ती खिलाड़ी मनप्रीत ने बताया कि कुश्ती से वार्म अप बहुत जरूरी है, लेकिन हॉल में कुश्ती से पहले वार्म अप होने के लिए रस्सी व भारोत्तोलन के उपकरणों का अभाव है। ऐसे में देसी अखाड़े की तरह मैट पर कसरत करते हुए शरीर को वार्म अप करना पड़ता है। मानसून में जैसे ही ज्यादा बारिश हो जाती है तो खिलाड़ी यहां अभ्यास नहीं कर पाते। छत से टपकता पानी और कुश्ती हॉल में अंधेरा अभ्यास के लिए सही नहीं। इस कारण से पहलवानों की छुट्टी कर दी जाती है। खिलाडियों का कहना है कि यहां स्मार्ट सिटी परियोजना से बड़े-बड़े भवन बनाए गए है लेकिन पहलवानों को इनकी कोई सहूलियत नहीं। यह केवल सफेद हाथी बनकर रह गए हैं।
वर्जन
पहलवानों को कुश्ती का अभ्यास आजकल नए मैटों पर स्मार्ट सिटी परियोजना से बने नए भवनों में कराया जा रहा है। हालांकि यह भवन अभी तक भी खेल विभाग को सुपुर्द नहीं किए गए हैं। इन भवनों को पूरा करने का कार्य अभी तक भी अधूरा है, इनमें खिड़कियां व दरवाजे भी लगाए जाने हैं। कुश्ती की हर प्रतियोगिताएं नये हॉल में आयोजित कराई जाती है।
- राकेश पांडेय, उपनिदेशक खेल एवं जिला खेल अधिकारी, करनाल