करनाल। करीब तीन साल के इंतजार के बाद शुरू हुई अंतर-जिला तबादला प्रक्रिया ने करनाल जिले के सरकारी स्कूलों में नई हलचल पैदा कर दी है। कैडर परिवर्तन नीति 2025 के तहत जारी पहली सूची में जिले से 475 शिक्षकों का अन्य जिलों में स्थानांतरण किया गया है, जबकि जिले में केवल 36 शिक्षक ही आए हैं। 439 शिक्षकों का यह बड़ा अंतर शिक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।
जिले में कुल 2,443 शिक्षक कार्यरत थे। ऐसे में लगभग 20 प्रतिशत शिक्षकों का एक साथ बाहर जाना स्टाफ संतुलन पर गंभीर असर डाल सकता है। तबादला केवल प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों का हुआ है, जिससे कक्षा पहली से पांचवी तक की पढ़ाई पर सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका है। अब मल्टी-ग्रेड कक्षाएं चलाने, पीरियड एडजस्टमेंट और अतिरिक्त कार्यभार की स्थिति बन सकती है।
-मेरिट, श्रेणी और निर्धारित अंकों के आधार पर हुआ आवंटन :
विभाग का दावा है कि सभी आवंटन मेरिट, श्रेणी और निर्धारित अंकों के आधार पर ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए पारदर्शी ढंग से किए गए हैं। पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। यह केवल पहला चरण है। आवश्यकता के अनुसार, आगे समायोजन और रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी।
- 27 फरवरी से 3 मार्च तक आपत्ति दर्ज कर सकते हैं शिक्षक :
आवंटन से संबंधित आपत्तियां 27 फरवरी से 3 मार्च तक केवल एमआईएस पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराई जा सकेंगी। आपत्तियों की जांच और निस्तारण के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
अभी ये स्थानांतरण नहीं हुआ है। फिलहाल कोर्ट केस चल रहे हैं, निर्णय पर निर्भर करता है कि तबादला होगा या नहीं। साथ ही शिक्षकों को 3 मार्च तक उनके तबादले से संबंधित आपत्ति दर्ज करने का समय दिया गया है। -अंशुल, जिला समन्वयक, प्राथमिक शिक्षा।