करनाल। जिले के सरकारी विद्यालयों में तकनीकी संसाधनों को सुदृढ़ और व्यवस्थित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय हरियाणा के निर्देशों के तहत जिले के सभी राजकीय स्कूलों से कंप्यूटर फैकल्टी और कंप्यूटर लैब अटेंडेंट का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जिले में करीब 100 कंप्यूटर शिक्षक विभिन्न विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। अब विभाग यह दर्ज कर रहा है कि किस स्कूल में कितने शिक्षक और लैब सहायक कार्यरत हैं, कहां पर कमी है, कौन प्रतिनियुक्ति पर है और किसकी वास्तविक ड्यूटी किस संस्थान में है। इसका मकसद डिजिटल शिक्षा की मौजूदा स्थिति को स्पष्ट रूप से समझना और आगे की रणनीति को ठोस आधार देना है। सटीक और व्यवस्थित आंकड़ों के आधार पर ही स्टाफ समायोजन, लैब संचालन और डिजिटल कक्षाओं को मजबूत करने से जुड़े निर्णय लिए जाएंगे।
- निर्धारित पोर्टल पर ही देनी होगी सूचना
स्कूल प्रमुखों को प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) पोर्टल पर लॉग-इन कर तय मॉड्यूल में ही जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि अन्य विद्यालयों के कर्मचारियों का विवरण दर्ज नहीं किया जाएगा। नाम लिखते समय किसी प्रकार का संबोधन या अतिरिक्त शब्द जोड़ने से भी मना किया गया है। स्कूलों की सहूलियत के लिए लॉग-इन प्रक्रिया, संबंधित प्रकरण तक पहुंच और डेटा प्रविष्टि की पूरी प्रक्रिया समझाने वाली विस्तृत मार्गदर्शिका भी साझा की गई है।
जिले में करीब 100 कंप्यूटर शिक्षक हैं जो कॉन्ट्रेक्ट बेस पर हैं। शिक्षा विभाग का यह कदम डिजिटल विस्तार के लिए एक बेहतर पहल साबित होगा। इससे आगे के लिए बेहतर योजनाएं भी बन सकती हैं। - डॉ. दीपक वर्मा, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।