करनाल। दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजारों में जांच अभियान तेज कर दिया है। वीरवार को विभाग की टीम ने मॉडल टाउन और आईटीआई चौक क्षेत्र में मिष्ठान भंडारों और दूध विक्रेताओं के यहां जांच की। इस दौरान रसगुल्ले समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के सात नमूने एकत्र किए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. कपिला के अनुसार, टीम ने नव्या स्वीट्स, बीकानेर स्वीट्स, कर्मा स्वीट्स और नन्नू मिल्क सहित प्रतिष्ठानों की जांच की।
जिले में एक अप्रैल से उस समय तक कुल 108 खाद्य नमूने लिए जा चुके थे। इनमें से 14 नमूनों की जांच रिपोर्ट मानकों के अनुरूप नहीं मिली थी। इन मामलों में कुछ दुकानदारों पर जुर्माना लगाया गया था, जबकि कुछ मामलों में अदालत में कार्रवाई चल रही है और अन्य संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए थे।
पिछले वित्त वर्ष यानी एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक जिले में 113 नमूने लिए गए थे। इनमें से 25 नमूने जांच में फेल मिले थे। 25 अक्तूबर तक विभाग की ओर से करीब 35 से 40 नमूने लिए गए।
निसिंग में 40 किलो मिठाई कराई थी नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 21 अक्तूबर को निसिंग में मिठाई की दुकानों और एक गोदाम पर कार्रवाई की थी। गोदाम में खराब हालत में मिलने पर करीब 40 किलो रसगुल्ले और गुलाब जामुन मौके पर ही नष्ट कराए थे।
सितंबर में 44 नमूनों में से 13 फेल
सितंबर में जिले में खाद्य पदार्थों के 44 नमूने लिए गए थे। इनमें से 13 नमूने जांच में फेल मिले थे। फेल नमूनों में पनीर के सात, खोया के दो, मैदे के दो तथा पनीर स्नैक्स और नमकीन के एक-एक नमूने शामिल थे।
रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई
खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने में सामान्य तौर पर करीब 14 दिन लग सकते हैं। रिपोर्ट के आधार पर ही संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होती है।