निसिंग। बस स्टैंड के पास बनीं अवैध मीट की दुकानों को नगर पालिका प्रशासन शुक्रवार को तीन पुलिस कर्मचारियों की सहायता से हटवाने पहुंचा। दुकानदारों ने टीम का विरोध जताया तो टीम महज चार अवैध दुकानों को ही हटवा पाई। वहीं, दोपहर बाद नपा प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए अन्य मीट की दुकानों के संचालकों ने फल व सब्जी के विक्रता के बैनर टांग लिए। उनका कहना है कि अब प्रशासन उन पर कार्रवाई न करे क्योंकि उन्होंने कारोबार बदल लिया है।
नगर पालिका के सचिव शैलेंद्र शर्मा का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर पुलिस की मदद से मीट की दुकानों को हटवाने पहुंचे, लेकिन पुलिस कर्मचारी कम होने के कारण कार्रवाई बीच में रोकनी पड़ी। दोपहर तीन बजे उन्होंने एसडीएम करनाल को पुलिस बल मुहैया करवाने के लिए पत्र लिखा है। पुलिस टीम मिलने के बाद अवैध मीट की दुकानों को अनाज मंडी के पीछे बनी मीट मार्केट में शिफ्ट करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि करनाल-कैथल मार्ग स्थित बस स्टैंड के पास अवैध मीट की दुकानों के कारण राहगिरों को गंदगी के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लोगों ने जताया विरोध
वीरवार रात्रि बस स्टैंड के पीछे मीट की दुकानें खुली थी, जिसकी लोगों को भनक लग गई और कई लोगों ने इसका विरोध भी जताया। गुरमुख सिंह, सर्वजीत सिंह, गगन दीप सिंह, गुरनाम सिंह, सुरेंद्र सिंह, गुरविंद्र सिंह चब्बर, मालक सिंह सहित अन्य लोगों ने ट्रेक्टर-ट्रॉली रास्ते में खड़ा कर मीट की दुकानों का विरोध किया।
बोले, अब हम सब्जी और फल विक्रेता
मीट की दुकानें छोड़कर इन दुकानदारों ने नपा की कार्रवाई के बाद अब फल व सब्जी रख कर बेचनी शुरू कर दी है। दुकानदार रामपाल, महावीर, राधेश्याम, पूर्व एमसी अमित, गौरव,जसवीर, नवीन, राकेश, रामेश्वर, नीरज, सुरेंद्र, श्याम लाल, राजेश का कहना है कि नपा प्रशासन गरीब परिवारों को बेवजह तंग करने का काम कर रहा है। मीट का कारोबार बंद कर फल व सब्जी बेचनी शुरू कर दी है, जिससे हम अपने परिवार का पोषण कर सकें।