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मुख्यमंत्री शतो उद्यमी सारथी योजना से होगी लाभार्थियों की निगरानी

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घरौंडा योजना का स्वीकृति पत्र प्रदान करते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
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घरौंडा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अंत्योदय मेलों के माध्यम से जिन लाभार्थियों को ऋण दिया जा रहा है, वे ऋण का पैसा सही तरीके से खर्च कर रहे हैं या नहीं, अब इसकी निगरानी की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री शतो उद्यमी सारथी योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना में 100 लाभार्थियों पर पांच व्यक्तियों को नियुक्त किया जाएगा, जो यह देखेंगे कि पात्रों को योजना का लाभ मिल पाया है या नहीं। वे शनिवार को एसडीएम कार्यालय में आयोजित अंत्योदय मेले में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने यहां लगे 18 विभागों के स्टाल का निरीक्षण किया और मेले में आए लोगों और कर्मचारियों से बात की।
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उन्होंने लाभार्थियों से जाना कि वे ऋण लेकर क्या काम शुरू करेंगे। इस पर कुछ का जवाब आया कि कुछ रुपये रोजगार शुरू करने पर खर्च करेंगे और कुछ मकान बनाने में खर्च करेंगे। इस पर सीएम ने कहा कि जिस कार्य के लिए वे ऋण ले रहे हैं, उसी कार्य पर खर्च करें। क्योंकि ऋण देने का मकसद लाभार्थी की आय बढ़ाना है। यदि वह ऋण की राशि को कहीं और खर्च करेगा तो उसे किस्तें देने में दिक्कत होगी। यदि कोई किस्तें नहीं भर पाता है तो उसे भविष्य में किसी अन्य योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
उन्होंने कहा कि सुखी समाज की कल्पना तब तक नहीं हो सकती, जब तक पिछड़े हुए वर्ग का उत्थान नहीं होता। उसी के आधार पर प्रदेश सरकार हर लाभार्थियों को लाभ देने का प्रयास कर रही है। लाभार्थियों को लाभ देने के लिए अंत्योदय मेलों का आयोजन किया जा रहा है। सरकार एक लाख 80 हजार से कम आमदनी वाले परिवारों का उत्थान करने के अलग-अलग योजना चला रही है। विधायक हरविन्द्र कल्याण ने बताया कि मेले में एक हजार से अधिक लाभार्थियों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें से दोपहर तक 400 से अधिक ने विभिन्न स्कीमों में आवेदन किया।
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पांच लाभार्थियों को 23.88 लाख के ऋण के स्वीकृति पत्र सौंपे
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मेले में आए पांच लाभार्थियों को बॉक्स मेकिंग मशीन, पशु डेयरी और मनियारी की दुकान जैसे कार्यों के लिए कुल 23.88 लाख रुपये ऋण के स्वीकृति पत्र प्रदान किए। घरौंडा पहुंचने पर सेंचुरी स्कूल में सांसद संजय भाटिया, विधायक हरविंद्र कल्याण, इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, जिला अध्यक्ष योगेंद्र राणा, जिला उपायुक्त अनीश यादव, चैयरमेन निर्मला बैरागी, मीडिया समन्वयक जगमोहन आनंद ने स्वागत किया।
समाजसेवी लोग ही बनेंगे सारथी, पोर्टल पर देना होगा नाम
उद्यमी सारथी योजना में समाजसेवा की भावना रखने वाले लोग ही सारथी होंगे, जो एक समर्पण पोर्टल पर अपना नाम देंगे। ये लोग, ऐसे व्यक्तियों को समझाएंगे, जो सरकार की किसी भी योजना का लाभ लेकर उसमें अपना काम नहीं कर रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति प्रतियोगी परीक्षा में अच्छे नंबरों से उत्तीर्ण होते हैं, वे सरकारी नौकरी में आते हैं, जो नौकरी नहीं ले सकते, वह स्वरोजगार के लिए आगे आएं। प्रदेश में स्वरोजगार की कई योजनाएं हैं, जिनमें प्रशिक्षण के अलावा आसान किस्तों का ऋण और सब्सिडी दी जा रही है। कारीगर लोग प्रशिक्षण लेकर विदेशों में भी जा सकते हैं, जहां उनकी मांग है।
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