जिले में रविवार दोपहर बाद तूफान लोगों को आफत दे गया। दस मिनट के तूफान
में दर्जनों पेड़ सहित बिजली के खंभे गिर गए। इससे यातायात अवरुद्ध हुआ और
बिजली गुल हो गई। तूफान के बाद मौसम ठंडा हो गया। ठंडी हवाओं के साथ बादल
जमे रहे। मौसम विशेषज्ञों का तर्क है कि मौसम खराब है।
बारिश सहित तेज हवा
चलने की संभावना है। रविवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और
न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय 6.7
किलोमीटर और तूफान 25 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से हवा चली।
जिले
में कई दिनाें से गर्मी अपने तेवर दिखाने में लगी है। रात को धुंध से मौसम
ठंडा और दिन में भयंकर गर्मी के कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
बच्चों से लेकर बड़ों को भी गर्म सर्द सहित बुखार जकड़ रहा है। डॉक्टर
विकास शर्मा बताते हैं कि आजकल के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सावधानी
बरतने की सख्त जरूरत है।
सुबह शाम पूरी बाजू की शर्ट डालें। मच्छरों से
बचें। गर्मी में फ्रिज का ठंडा पानी न पीएं। दूसरी ओर मौसम खराब होने से
कृषि क्षेत्र पर असर पड़ने लगा है। धान लगभग पकने की तैयारी में है। तेज
हवा के कारण धान का गिरना तय है। जिससे दाना खराब हो जाता है और कटाई भी
अच्छी तरह नहीं हो पाती।
जिले में एक लाख 64 हजार हेक्टेयर भूमि में
धान लगी है। बासमती 1509 पकने की तैयारी में है और कई क्षेत्रों में कटने
भी लगी है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा बताते हैं कि धान का
बारिश और तेज हवा दोनों का नुकसान है। किसान को चाहिए कि वे धान के खेत में
पानी सिंचाई ज्यादा न करें। कई दिनों से लगातार पानी जमा है तो उसको उतार
दें।
देर रात तक रहा अंधेरा कायम
तूफान में बिजली के खंभे व
तार गिरने की वजह से शहर के कई क्षेत्रों में देर रात तक अंधेरा कायम रहा।
बिजली कर्मचारी लाइन पर काम करते रहे। तूफान आते ही मेडिकल कॉलेज एवं
अस्पताल एरिया, राजीव कॉलोनी, शिव कॉलोनी, बसंत विहार सहित कस्बों में
दर्जनों गांव में बिजली सप्लाई व्यवस्था बिगड़ी रही। मार्केट में जेनरेटरों
की तेज आवाज रही। असंध, यमुनानगर, निगदू सहित गांव के एरिया में पेड़ गिर
गए। इससे वाहन चालकों ने खुद ही पेड़ हटाकर निकलने का रास्ता बनाया।