जिले में लग रही साठी धान को नष्ट करने के लिए मंगलवार को कृषि उपनिदेशक
डॉ. पवन शर्मा ने खंड करनाल और इंद्री का दौरा किया। उन्होंने करीब नौ एकड़
साठी धान नष्ट करवाया।
साठी धान की रोपाई को रोकने के लिए कृषि उपनिदेशक
करनाल ने संघोई, चोरा, टापू, संगोहा, बड़ा गांव और नगला रोड़ान में लगी
करीब नौ एकड़ साठी धान को स्प्रे करके नष्ट करवाया। किसान दीपक मुंझाल गांव
बड़ा गांव की चार एकड़ साठी धान स्प्रे करके नष्ट की गई।
फुलाराम गांव
संगोहा की छह एकड़ साठी धान आपसी सहमति से साठी धान को नष्ट करने को तैयार
हो गया। किसान बलिंद्र पुत्र रणजीत सिंह गांव नगला रोड़ान के डेढ़ एकड़,
प्रवीन पुत्र पालाराम गांव नगला रोड़ान के दो एकड़, संगोही के फूलाराम के
छह एकड़, गांव चोरा के रमेश के तीन एकड़, मनदीप सिंह गांव टापू के दो दो
एकड़, पप्पू गांव टापू के चार एकड़, चांद के दो एकड़, काला शर्मा संगोही का
एक एकड़ को नोटिस जारी किए हैं।
उप निदेशक ने बताया कि इन किसानों को
तीन दिन बाद फिर से दौरा किया जाएगा। यदि कोई किसान इस दौरान साठी धान नष्ट
नहीं करता है तो उसके खिलाफ भूमि जल संरक्षण अधिनियम 2009 के तहत एफआईआर
दर्ज करवाई जाएगी और इन सबकी सूचि उपायुक्त करनाल को भेज दी जाएगी।
उप कृषि
निदेशक डॉ. पवन शर्मा ने सभी किसानों को आग्रह किया कि जो किसान साठी धान
की रोपाई करेगा प्रशासन उनसे सख्ती से निपटेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने
साठी धान की रोपाई पर 15 जून से पहले रोपाई करने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया
है। जो भी किसान सरकार के इस अधिनियम का उल्लंघन करेगा उनके खिलाफ कानूनी
कार्रवाई की जाएगी। जुर्माने के रूप में 10 हजार प्रति हेक्टेयर प्रति माह
की दर से वसूल किए जाएगा। इस मौके पर उप कृषि निदेशक डॉ. पवन शर्मा के साथ
डॉ. सुनील कुमार, बीएओ इंद्री राजेंद्र कुमार, कमल कुमार, डॉ. नैन कृषि
विकास अधिकारी मौजूद रहे।