माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रक्षाबंधन की तरह भाई दूज के पर्व से एक दिन पहले रोडवेज बसों की कमी से परिवहन व्यवस्था बिगड़ी। बस स्टैंड हो या राजमार्ग। सभी जगह इंतजार करते यात्रियों को खड़ा देख बसों की कमी खली। हालांकि रोडवेज के साथ-साथ निजी बसों ने भी भाई-बहनों को सफर कराया लेकिन बसें ओवरलोड चलने से यात्रियों को सफर के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई जगह बहनें बसों के इंतजार में खड़ी दिखाई दी तो कहीं भाईयों ने लटक कर सफर किया।
आबादी के हिसाब से करनाल रोडवेज के बेड़े में 250 बसें होनी चाहिए लेकिन डिपो के पास महज 168 बसें ही हैं। भाई दूज के पर्व पर 75 निजी बसें भी चली। लेकिन भीड़ के कारण कई मार्गों पर काफी दिक्कत रही। कोई बसे के इंतजार में अड्डे या हाईवे के चौक पर घंटों खड़ा रहा। तो किसी को कई किलोमीटर बस में खड़े होकर या बाहर लटककर सफर करना पड़ा। जिले की आबादी 15 लाख है, ऐसे में नियम के अनुसार, डिपो में 250 बसें होना जरूरी है लेकिन कम बसों को ही मार्ग पर चलाया जा रहा है जिसका खामियाजा त्योहार के दिनों में यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
रोडवेज के जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि सभी बसों को मार्ग पर दौड़ाया जा रहा है। यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए कुछ बसें रिजर्व भी रखी हैं, जिस काउंटर पर यात्रियों की भीड़ रही उन्हें वहां चलाया गया, वीरवार को भाईदूज के दिन भी ऐसी ही व्यवस्था रहेगी। बसों में भीड़ होने के कारण भाई दूज पर्व पर टैक्सी चालकों ने भी अपनी मनमर्जी का सवारियों से किराया वसूला। अमूमन 200 रुपये प्रति सवारी पर चलने वाली टैक्सी ने भी लोगों से किराये के रूप में 400 रुपये तक वसूले।