सेक्टर-13 स्थित एक मकान में दुकानदार ने लॉकडाउन के दौरान काम ना चलने पर फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस जांच अधिकारी चंदन सिंह ने बताया कि सेक्टर-13 स्थित शैलेंद्र राज पाल-43 की करण गेट पर लहंगा चुन्नी की दुकान थी। लॉकडाउन के दौरान उनकी दुकान नहीं चल रही थी जिस कारण वह कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान थे। 26 जून की रात को उन्होंने घर में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर जाकर जांच की। आसपास के लोगों से और रिश्तेदारों से पूछताछ की गयी, जिसमें यही सामने आया है कि वह कई दिनों से मानसिक रूप से परेशान थे। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
परिजनों ने मृतक की आंखें दान की
शैलेंद्र राजपाल की मौत के बाद परिजनों ने उनकी आंखें दान कर दी हैं। इसके लिए उन्होंने माधव नेत्र बैंक से संपर्क किया था। परिजनों का कहना है कि शैलेंद्र की मौत से भले ही उनके जीवन में अंधेरा छा गया है, लेकिन उनकी आंखों से कम से कम दो लोगों का अंधियारा दूर हो सकेगा। मालूम हो कि शैलेंद्र राजपाल के दो बेटे हैं।