- निगमायुक्त ने बैठक लेकर इंजीनियरों संग जलभराव से निपटने की बनाई रणनीति
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर के 26 मुख्य नालों में से अभी 12 नालों की ही सफाई पूरी हो सकी है। दावा किया जा रहा है कि शेष नालों की सफाई आगामी दो-चार दिनों में पूरी कर दी जाएगी। भले ही अधिकांश बड़े नालों में बहाव बेहतर होने से दो से तीन घंटे में पानी आगे निकल गया, लेकिन रविवार को हुई बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी। ये हालात तब हैं, जब निगमायुक्त के साथ-साथ उपायुक्त भी लगातार नालों की सफाई का निरीक्षण करते रहे। यहां तक कि शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता भी नालों की सफाई देखने पहुंचे थे। नालों की सफाई पर करोड़ों रुपये की धनराशि व्यय की जा रही है।
नगर निगम पिछले दो महीने से नाले की सफाई के कार्य में जुटा है। हर बार सफाई व्यवस्था में जुटे अधिकारियों, कर्मचारियों को मानसून आने से पहले कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए लेकिन रविवार को कुछ देर हुई 47.3 एमएम बारिश ने करोड़ों रुपये खर्च करके की जा रही नाला सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। रामनगर, प्रेमनगर, शांतिनगर और एकता कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में सड़कें तालाब बन गईं। लोगों के घरों में भी पानी घुस गया।
रामनगर नाले पर लगेंगे चार पंप
इसके बाद सोमवार को निगमायुक्त ने इंजीनियरों के साथ बैठक की। जिसमें इंजीनियरों ने कहा कि जलभराव कम समय में अधिक बारिश के कारण ऐसा हुआ है। हालांकि दो घंटे के अंदर पानी की निकासी हो गई। बारिश के बाद निगम के इंजीनियरों ने शहर की विजिट कर संवेदनशील क्षेत्रों में जल भराव के कारणों की खोज करके उसके समाधान ढूंढ लिए हैं। निगमायुक्त ने राम नगर नाला का पानी ड्रेन आउट करने के लिए दो की बजाय चार पंप लगाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार शिव कॉलोनी और शाम नगर में भी पानी निकासी के लिए एक-एक पंप सेट आज ही रखने के निर्देश दिए।
सफाई निरीक्षक को दिए निर्देश
मुगल कैनाल की सड़कों पर बारिश का पानी साथ-साथ कैनाल में जाता रहे, इसकी चेकिंग करके सुनिश्चित बनाएं। भगवाडिय़ां गैस एजेंसी, रमेश नगर और ओल्ड बस स्टैंड जैसी जगहों पर जल भराव के कारणों को समझकर उसके त्वरित उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुराने बस स्टैंड के आगे से गुजरते नाले की सफाई करवा दी जाए। मुख्य सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए कि इस काम को करने के लिए एक दिन रेहड़ियां शिफ्ट करवा दें, ताकि उसकी अच्छे से सफाई करवाई जा सके।
एक नाला भी समय पर साफ नहीं कर सका एचएसवीपी
मुगल कैनाल में मॉडल टाउन से लेकर मेला राम स्कूल तक मुख्य नाले की सफाई अब तक नहीं हो सकी है। इस नाले की थोड़े से हिस्से की सफाई की जिम्मेदारी ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के पास थी। शेष नालों की सफाई का जिम्मा नगर निगम के पास था। एचएसवीपी इस इकलौते नाले की भी सफाई कराने में पिछड़ गया है। जिसके कारण जलभराव तो हो ही रहा है, लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वैकल्पिक नाला खोदे जाने के कारण निर्मल कॉलोनी का संपर्क ही आगे सड़क पार वाली कॉलोनी से कट गया है। कार्यकारी अभियंता धर्मबीर मेहला ने बताया कि एक-दो दिन में ही इसका अधूरा कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
अमृत योजना के अधूरे कार्यों को 30 करोड़ में पूरा करेगी दूसरी एजेंसी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कई सालों से अमृत योजना के तहत नगर में करोड़ों रुपये के कार्य चल रहे हैं। जिन्हें लेकर सोमवार को निगमायुक्त अभिषेक मीणा की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय तकनीकी समिति, उप समिति (एसएलटीसी) की बैठक हुई। जिसमें टाटा कंपनी के 36 किमी की सीवरेज लाइन सहित अधूरे कार्यों को अब 30 करोड़ रुपये में एएस कृष्णा एजेंसी पूरा कर रही है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि टाटा कंपनी ने नगर निगम क्षेत्र में 152 किलोमीटर सीवर लाइन डाली थी, लेकिन कई सालों के बाद भी ये सीवरलाइन अधूरी है। अब इस अधूरे कार्यों को रिस्क एंड कॉस्ट के आधार पर एएस कृष्णा एजेंसी पूरा कर रही है। अब तक चालू हो चुकी 36 किलोमीटर लाइनों का संचालन एवं रख-रखाव भी यही एजेंसी करेगी। यही एजेंसी दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) व दो इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) का काम भी पूरा कर रही है, इनसे सीवर लाइनों को जोड़ा जाएगा। इस काम के लिए एजेंसी को करीब 30 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर दिया गया है।
निगमायुक्त ने बताया कि 36 किलोमीटर क्षेत्र में बसंत विहार, हकीकत नगर, महावीर कॉलोनी, विकास कॉलोनी, कनिका विहार, रामपुरा कटाबार एरिया, कर्ण ताल के निकट क्षेत्र, रेलवे रोड का कुछ हिस्सा तथा नरसी विलेज भाग-2 शामिल हैं। उप समिति की बैठक में निगम के अधीक्षण अभियंता से लेकर कनिष्ठ अभियंता तक के संबंधित सभी इंजीनियर और थर्ड पार्टी एजेंसी वेबकॉस के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सीवर लाइनों पर बनेंगे 31 मेनहोल
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि टाटा कंपनी ने जिन 116 किलोमीटर सीवर लाइनों को डाला था, इसके अधूरे कार्य पूरे करने के बाद अनुमानित चार करोड़ रुपये एजेंसी एएस. कृष्णा को दिए जाएंगे। इन कार्यों में सीवर लाइन पर 31 मेनहोल बनाए जाने हैं। निर्णय लिया गया है कि कास्ट इन सिटू की जगह, प्री कास्ट मेनहोल ही डाले जाएं, ताकि काम जल्द पूरा हो। उन्होंने बताया कि अमृत योजना के कार्यों में लगी किसी भी एजेंसी को वर्क एक्सटेंशन नहीं मिलेगी और न ही कोई छूट दी जाएगी।