संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में हुए 20 करोड़ रुपये के धान घोटाले में बड़ा गेटपास फर्जीवाड़ा सामने आया है। करनाल अनाज मंडी में हुए फर्जीवाड़े में पुलिस की एसआईटी ने आरोपी मिलर एवं आढ़ती देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में तीन किसान ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने धान उगाया ही नहीं था लेकिन उनके नाम पर करनाल की अनाज मंडी में 2500 क्विंटल धान बिका हुआ दिखाया गया।
जांच में सामने आया है कि आढ़ती ने किसानों के नाम से खुद ही ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पर पीआर धान का पंजीकरण करवाया था। इसके लिए किसानों से ओटीपी लिए थे। आरोपी आढ़ती ने मार्केट कमेटी के कर्मचारियों व अधिकारियों से मिलीभगत करके फर्जी धान के गेटपास कटवा लिया।
उसने इस धान को खुद की दुकान पर बिका दिखाया, इसमें खरीद एजेंसी के निरीक्षक की मिलीभगत है। इसके बाद खुद के मिल सहित अन्य मिल में जाना दिखाया है। इसके बाद किसान के खाते में आई करीब 59 लाख 70 हजार रुपये की राशि खुद ले ली। इससे साबित हुआ कि घोटाले में अकेला आढ़ती ही नहीं मार्केट कमेटी, खरीद एजेंसी, मिलर सहित ट्रांसपोर्टर की भी सहभागिता है। इससे सभी की जिम्मेदारियों पर सवाल खड़े होते हैं। अभी पुलिस की एसआईटी अन्य आढ़तियों व मिलर की संलिप्तता को लेकर जांच कर रही है। इस मामले में बड़ी संख्या में आढ़तियों, मिलर, ट्रांसपोर्टर व कर्मचारियों कर कार्रवाई होना तय है।