संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 स्थित दादूपुर गांव के पास बुधवार देर शाम बाइक सवार सीकरी निवासी अमन (24) की कैंटर की चपेट में आने से माैत हो गई। वह जर्मनी से अपने पिता का इलाज करवाने के लिए करीब तीन माह पहले गांव आए थे। अब उनकी 3 मई की वापसी की फ्लाइट थी। इकलाैते बेटे की माैत से पिता बाबूराम पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अमन की माैत के बाद बीमार पिता के पास कोई सहारा नहीं बचा है।
हादसे में जान गंवाने वाले अमन के पिता बाबू राम के पास डेढ़ एकड़ जमीन थी। कई साल पहले माता की माैत के बाद से बेटे का सपना था कि वह विदेश जाकर अपने परिवार के सपने पूरे करेंगे। तीन साल पहले जमीन बेचकर पिता ने 20 लाख रुपये की राशि खर्च करके अमन को पहले पुर्तगाल भेजा था। वहां काम कम होने के कारण वह जर्मनी पहुंच गए थे। परिवार में अब अकेले पिता थे।
तीन माह पहले गाए थे गांव
इसी दाैरान पिता को लीवर की बीमारी हो गई। वह ज्यादा बीमार रहने लगे। तीन माह पहले अमन जर्मनी से सीकरी गांव आए थे। तभी से पिता का इलाज करवाना शुरू कर दिया था। अब पिता की हालत में सुधार आया तो उन्होंने वापस जाने की तैयारी की थी। टिकट भी बुक हो चुकी थी लेकिन परिवार को नहीं पता था कि बेटा जर्मनी जाने से पहले ही जीवन की अंतिम यात्रा पा चला जाएगा। तरावड़ी थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि पुलिस ने आरोपी कैंटर चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कैंटर को कब्जे में ले लिया है। पुलिस जल्द आरोपी को जांच में शामिल करेगी।
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कागजात के काम से करनाल आया, वापस लाैटते समय हादसे का शिकार हुआ
सीकरी गांव के ब्लॉक समिति मेंबर रविंद्र सिंह ने बताया कि अमन को जर्मनी जाने के लिए कागजात की आवश्यकता थी। उन्हीं जरूरी कागजात की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए वह बुधवार को करनाल गया था। देर शाम को काम निपटने के बाद वह बाइक पर घर लौट रहा था। इसी दाैरान उसकी बाइक कैंटर की चपेट में आ गई। हादसे में अमन गंभीर रूप से घायल हो गया जहां करनाल के अस्पताल में डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।