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Karnal News: दिनभर मुद्दों पर किया मंथन शाम को भक्ति में सराबोर नजर आए महापौर

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1005 कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञान संस्थानम में गीता पाठ करते महापौर।
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। शहर के होटल नूर महल में दिनभर चली अखिल भारतीय महापौर परिषद की बैठक में देश के 21 राज्यों से आए 75 महापौरों ने शहरों के विकास और अपने अधिकारों पर चर्चा की। अधिकारों और वन नेशन-वन कारपोरेशन जैसे मुद्दों को रखने के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने दिल्ली में मिलने का समय भी दे दिया। शाम को महापौर भगवान श्रीकृष्ण के गीता उपदेश स्थली पहुंचे तो वहां सभी राजनीतिक दलों और सभी धर्मो से महापौर कृष्ण और भद्रकाली के भक्ति के रंग में सराबोर नजर आए। महापोरों ने म्यूजियम में लेजर शो देखा और ब्रह्म सरोवर की परिक्रमा की।
करनाल में ये पहला मौका था, जब अखिल भारतीय महापौर परिषद (एआईएमसी) की साधारण सभा में भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, टीआरएस सहित विभिन्न राजनीति संगठनों से जुड़े महापौर एक मंच पर नजर आए। यहां साधारण सभा की 53वीं बैंठक में महापौरों ने 74वें संशोधन को लागू किए जाने पर चर्चा करते हुए मांग की कि अलग अलग समय के कार्यकाल के साथ साथ महापौरों के चुनाव को लेकर एकरूपता नहीं होने का मुद्दा भी उठा। महापौरों ने कहा कि महापौर को पार्षद चुनते हैं तो कहीं सीधे जनता से चुनाव होता है, इसे समान किया जाए तो केंद्रीयमंत्री मनोहर लाल ने इसे राज्य सरकार को विषय बताते हुए कहा कि महापौर अपने राज्यों की मुख्यमंत्रियों से मिलकर आग्रह करें कि 74वें संशोधन को पूर्ण रूप से लागू करें, तो नगर निकाय शहर की सरकार है, सीधे जनता से ही चुनाव होना चाहिए। इस तरह की व्यवस्थाओं के लिए कानून राज्य सरकार द्वारा बनाए जाने हैं। केंद्रीय मंत्री ने महापौरों से निकायों में वर्क कल्चर विकसित करने का आह्वान किया। कर्मचारियों को तकनीक के साथ ट्रेनिंग दें। पर्यावरण संरक्षित करने के लिए भी कदम उठाएं।
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परिषद के संगठन महामंत्री उमाशंकर गुप्ता ने मांग रखी कि एक देश-एक नगर निकाय एक्ट और कैडर होना चाहिए। राज्यसभा सांसद व परिषद के पूर्व चेयरमैन नवीन जैन ने कहा कि पूरे देश में मेयर के कार्यकाल का एक समय नहीं है। कभी नगर निगम का चुनाव रेगुलर हो जाता है तो कभी निलंबित हो जाता है। ऐसे में महापौर का चुनाव समय पर होना चाहिए। जनता की सीधी जिम्मेदारी महापौर की होती है। महापौर को और मजबूत किया जाना चाहिए।
करनाल की मेयर रेनू बाला गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की अंत्योदय की भावना से सभी को अवगत कराया, साथ ही उनकी बिना पर्ची और बिना खर्ची की व्यवस्था को भी जमकर सराहा। यह परिषद शहरों की अच्छी व्यवस्था और शहरों को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है, इस विषय पर निरंतर चर्चा करती रहेगी। संचालन परिषद के सचिव मनोज गुप्ता ने किया।
निगम कमिश्नर डॉ. वैशाली शर्मा ने महापौरों द्वारा महापौर व निगमायुक्त के बीच नहीं बनने के सवाल पर कहा कि जो लोग ऐसा कहते हैं, वह करनाल नगरनिगम की सदन की बैठकों की कार्रवाई देख लें, यहां सिर्फ महापौर, निगमायुक्त ही नहीं शहर विधायक के साथ भी बेहतर सामजस्य दिखेगा। उन्होंने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस मौके पर इंद्री के विधायक एवं गवर्नमेंट चीफ व्हिप रामकुमार कश्यप, करनाल के विधायक जगमोहन आनंद, असंध के विधायक योगेंद्र राणा, कालका की विधायक शक्ति रानी शर्मा, एआईएमसी हरियाणा के अध्यक्ष कुलभूषण गोयल, एआईएमसी की निवर्तमान चेयरपर्सन माधुरी पटेल, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर, भाजपा नेता बृज गुप्ता, मंडल अध्यक्ष गौरव खुराना व नवीन बत्रा, पार्षद संकल्प भंडारी, योगेंद्र शर्मा, सुधीर यादव, ममता सैनी, सुदेश रानी सहित देश के निगमों के महापौर मौजूद रहे।शाम को कुरुक्षेत्र मे महाभारत की निशानियां देखने पहुंचे महापौरों में आंध्रप्रदेश के अनंतपुर के महापौर मोहम्मद वसीम, कुरनूल की महापौर वीवाई रमैया भी शामिल रहीं, जो मां भद्रकाली के मंदिर में भक्ति भाव में सराबोर नजर आईं।
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क्या है 73वां, 74वां संविधान संशोधन
- स्वास्थ्य, आरटीए, पीडब्ल्यूडी, बेसिक, शिक्षा सहित जो भी विभाग नगर क्षेत्र में कार्य करते हैं, उनका नियंत्रण महापौर में निहित किया गया है। इसके साथ ही महापौरों को प्रशासनिक व वित्तीय शक्तियां देने की बात भी कही गई है, जिससे महापौर अपनी इच्छानुसार कोई कार्य करा सकेंगी, अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई कर सकेंगी, इसके अलावा भी कई अन्य शक्तियां दी गई हैं लेकिन इस संशोधन को लागू करने का अधिकार राज्य सरकारों के विवेक पर छोड़ दिया गया है। जिसके कारण कुछ सरकारों ने लागू नहीं किया, जिसने लागू किया तो आधा आधूरा लागू किया। यही महापौर का सबसे बड़ा दर्द है।

1005 कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञान संस्थानम में गीता पाठ करते महापौर।

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