चंडीगढ़ में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जिले के लोगों को बड़ी सौगात मिली है। बैठक में बागवानी विश्वविद्यालय अधिनियम के अध्यादेश को पास करने से करनाल में बागवानी विश्वविद्यालय बनने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ इसके तीन क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र अंबाला, जींद और झज्जर में खोले जाएंगे। राज्य बागवानी विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र उचानी में होगा। इसके अंतर्गत अनुसंधान केंद्र गांव बख्तावर-रईया, जिला झज्जर, गांव डेरा नजदीक काला अंब जिला अंबाला और राजकीय बाग एवं नर्सरी जींद में होंगे।
सीएम कैंप आफिस के ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय का अनुसंधान परिसर गांव मूनक जिला करनाल में स्थापित किया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए बागवानी विभाग के लिए क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से 97 एकड़ भूमि स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए वर्तमान में 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बता दें कि गत दिनों सीएम ने करनाल के लिए इस यूनिवर्सिटी की घोषणा की थी। ओएसडी ने बताया कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
सीएम का जताया आभार
सरकार के फैसले पर जिला भाजपा अध्यक्ष अशोक सुखीजा, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, देश सचिव चंद्र प्रकाश कथुरिया सहित जगदेव पाढा, संजय मदान, हरी सिंह रोड़, नवीन बत्तरा, सुनील गोयल, मानव पूरी, प्रवीन लाठर, बलजीत सिंह जग्गा, अशोक भंडारी, राजेश, वेदपाल, यशपाल ठाकुर सहित काफी लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।