आपबीती सुनाता अस्पताल का गार्ड
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एक जज की पत्नी को दौरा पड़ने पर घर पर ही इलाज करवाने को लेकर सरकारी अस्पताल के एक डॉक्टर खूब दबाव बनाया। इमरजेंसी छोड़ने से डॉक्टर ने मना किया तो जज के गनमैन और ड्राइवर ने डॉक्टर के साथ बहस की और अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड से उलझ गए। जज का मामला होने के कारण प्रशासन ने हस्तक्षेप करना पड़ा और प्रशासन ने इतना दबाव बना दिया कि डॉक्टर ने शिकायत करने से भी इंकार कर दिया। फिलहाल महिला को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि उनकी ड्यूटी ट्रामा सेंटर के गेट पर थी। एक बत्ती लगी कार ट्रामा सेंटर के रैप पर चढ़ा दी। तेजी के साथ डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर इस दौरान इमरजेंसी में था। खुद को जज का गनमैन और ड्राइवर बताते हुए डॉक्टर को साथ ले जाने को कहा। डॉक्टर ने इमरजेंसी छोड़ने से मना किया और इनमें बहस छिड़ गई। बीच बचाव कराने आए सिक्योरिटी गार्ड से यह उलझ गए। काफी गहमागहमी होने के बाद वह महिला को अस्पताल में ही लेकर पहुंचे।