प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने सब्जी उत्कृष्टता केंद्र के बागवानी अधिकारियों को चुकंदर से चीनी तैयार करने की विधि तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि चुकंदर से कम खर्च पर चीनी का अधिक उत्पादन किया जा सकता है।
इससे न सिर्फ चीनी मिलों पर उत्पादन का बोझ कम होगा, बल्कि चुकंदर की खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। शनिवार की शाम लगभग छह बजे हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ चंडीगढ़ से दिल्ली जाते समय अचानक जीटी रोड स्थित सब्जी उत्कृष्टता केंद्र में परिवार के साथ रुक गए और उन्होंने केंद्र की सब्जियां खरीदी।
कृषि मंत्री के आगमन की सूचना मिलते ही बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. सत्येंद्र यादव, एचडीओ कृष्ण सोलंकी, फ्लॉवर एक्सपर्ट संजय पुंडीर, खीरा एक्सपर्ट कविता सिंह केंद्र पहुंच गए और अधिकारियों ने गुलदस्ते के साथ उनका स्वागत किया। कृषि मंत्री ने सभी अधिकारियों को नए साल की शुभकामनाएं भी दी। कृषि मंत्री ने बागवानी अधिकारियों से सब्जियों के बारे में तकनीकी जानकारी ली तो बागवानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विदेशों में चुकंदर से चीनी तैयार की जाती है, जबकि हरियाणा में गन्ने से ही चीनी तैयार की जाती है।
जिससे शुगर मिलों पर काफी बोझ होता है और उत्पादन खर्च भी काफी ज्यादा होता है। ऐसे में यदि चुकंदर से चीनी तैयार करने की विधि अपनाई जाए, तो किसानों के साथ-साथ प्रदेशवासियों को अच्छा लाभ मिल सकता है। कृषि मंत्री ने बागवानी अधिकारियों के सुझाव की सराहना करते हुए इसकी पूरी विधि तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजने का निर्देश दिया। कृषि मंत्री को भाया गुलदस्ता-जब बागवानी अधिकारियों ने केंद्र के फ्लॉरिकल्चर में जरबेरा, गुलाब, ग्लेड्युलस फूलों से तैयार गुलदस्ते के साथ स्वागत किया, तो कृषि मंत्री ने अधिकारियों से पूछा-ये फूल कित कै हैं भाई? तो बागवानी विभाग के अधिकारियों ने उनको केंद्र के फ्लोरिकल्चर सेंटर के बारे में विस्तृत जानकारी दी, तो उन्होंने फूलों की काफी सराहना की।