भगवान वामन द्वार प्रकरण:-मेयर बोलीं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले अधिकारियों पर हो कार्रवाई
- आरसीसी का बनने वाला डिजाइन भी लग सकता था, सरकार के पास फंड की कमी नहीं
- निगम की ओर से भगवान वामन द्वार की बदली गई डिजाइन, अंत में बदला गया डिजाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शहर के कालका चौक पर बने भगवान वामन द्वार का शुरुआती डिजाइन बदलने को लेकर मेयर सैलजा सचदेवा ने राज्य सरकार से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। मेयर सैलजा सचदेवा ने कहा कि हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करते हुए जिन अधिकारियों ने यह डिजाइन बनाया है, यह बिल्कुल गलत है। जो डिजाइन शुरुआत में बनाया या दिखाया गया था, उसकी जगह दूसरा डिजाइन बना दिया गया। जिन भी अधिकारियों ने यह किया है, उन सभी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि सरकार के पास फंड की कमी नहीं है, इसलिए सरकार जांच करवाकर ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई करे।
पहले आरसीसी का बनना था डिजाइन, अब लोहे का बनाया गया
भगवान वामन द्वार का डिजाइन पहले आरसीसी का बनाना था। इसके लिए डिजाइन बनाया गया था। इस आरसीसी के डिजाइन के ऊपर भगवान वामन की मूर्ति भी लगाई जानी थी, लेकिन इस डिजाइन बदल दिया गया। अब आरसीसी की जगह इस द्वार को लोहे का बनाया गया है। इस गेट पर 42 लाख का बजट भी खर्च हो चुका है। इसके बाद भी यह अधूरा है।
निगम ने पूरा किया प्रोजेक्ट, पड़ा अधूरा
2017 में भगवान वामन द्वार प्रोजेक्ट का कार्य शुरू हुआ था। यह कार्य 2019 में बंद हुआ हो गया था। इस प्रोजेक्ट का शुरुआती बजट 25 लाख तय किया गया था। इसी बीच डिजाइन को लेकर बदलाव हो गया और यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। आखिर में कार्य को पूरा करने के लिए 17 लाख का टेंडर दोबारा किया गया। 2024 में दोबारा कार्य शुरू हुआ था। निगम की ओर से तो प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है।