संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सदर थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती के मोबाइल फोन से निजी फोटो चोरी करके उसके पोस्टर गांव के सार्वजनिक स्थलों पर लगा दिए गए। युवती ने पड़ोस की एक महिला और आशीष नामक युवक पर बदनाम करने की साजिश रचने के आरोप लगाया है। शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने आरोपी आशीष और पड़ोसी महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस गांव में दबिश दी जा रही है। आरोपी फरार हैं।
युवती का आरोप है कि उन्होंने अपने जानकार युवक के साथ फोटो ली थी। फोटो उनके फोन में सेव थी। यह फोटो उन्होंने केवल अपनी पड़ोसन को दिखाई थी। लेकिन उसे दी नहीं थी। पड़ोसन ने चोरी से उनके फोन से यह फोटो अपने मोबाइल में ट्रांसफर कर ली। आरोप है कि बाद में पड़ोसन ने यह फोटो गांव के ही युवक आशीष को दे दी। आशीष ने वीरवार को फोटो के प्रिंटआउट निकालकर गांव के मुख्य चौराहों, बस स्टैंड, गलियों में चिपका दिए।
सदर थाना के प्रभारी तरसेम चंद का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है। किसी की निजी फोटो को बिना अनुमति सार्वजनिक करना गंभीर अपराध है। वीरवार की घटना के संबंध में शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। शिकायत पर दो आरोपियों आशीष और महिला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने यह बदनाम करने कि लिए किया है। दोनों आरोपी घर पर नहीं मिले। पुलिस दबिश दे रही है। जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मोबाइल से डाटा चोरी रोकने के लिए ये करें
- मोबाइल के स्क्रीन लॉक में मजबूत पासवर्ड, पिन, पैटर्न का उपयोग करें। फिंगरप्रिंट लॉक लगा सकते हैं।
- सार्वजनिक जगहों पर या जब आप अपने फोन का उपयोग नहीं कर रहे हों, तो उसे हमेशा लॉक करके रखें।
- फोन किसी विश्वसनीय व्यक्ति के अलावा किसी को न दें और सार्वजनिक स्थानों पर इसे लावारिस न छोड़ें।
- फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम (एंड्रायड या आईओएस) और सभी एप को नियमित रूप से अपडेट करें। अपडेट्स में अक्सर सुरक्षा पैच शामिल होते हैं।
- अज्ञात स्रोतों से एप इंस्टॉल करने से बचें।
मोबाइल डाटा चोरी हो जाए तो तुरंत ये करें
- जितनी जल्दी हो सके स्थानीय पुलिस या साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें। डाटा चोरी और ब्लैकमेलिंग दोनों ही दंडनीय अपराध हैं।
- ब्लैकमेलर के संदेशों, कॉल रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया प्रोफाइल और किसी भी अन्य संबंधित जानकारी का स्क्रीनशॉट लें या उन्हें सेव करें।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (https://www.cybercrime.gov.in/) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
- आर्थिक रूप से ब्लैकमेल किए जाने पर या बैंक खाते से संबंधित जानकारी चुराए जाने पर अपने बैंक को सूचित करें।