संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में वीरवार को छठे दिन भी पवित्र ब्रह्मसरोवर के घाट कलाकारों के वाद्य यंत्रों की धुनों से गूंजते रहे। सुबह से शाम तक विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपने-अपने राज्य की लोक संस्कृति के रंग बिखेरे और वहीं शिल्पकारों की शिल्पकला से ब्रह्मसरोवर सजा रहा। शिल्पकारों और कलाकारों के साथ पर्यटकों में भी भरपूर उत्साह दिखाई दिया।
सुबह ही हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचने लगे। कलाकार भी अपनी-अपनी प्रस्तुतियां देते रहे जिन्हें देख पर्यटक भी थिरकते रहे। विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति से अद्भुत नजारा बना रहा। बीन, बांसुरी, ढोल नगाड़े से लेकर राजस्थानी कच्ची घोड़ी व अन्य प्रस्तुति दी गई। प्रशासन अब 24 नवंबर से होने वाले मुख्य कार्यक्रमों की तैयारियों में जुट गया है।