संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। हरियाणा में खेल प्रतिभाएं उभारने के लिए ही हरियाणा सरकार की ओर से गांवों में खेल स्टेडियम बनवाए गए थे लेकिन देखरेख के अभाव में इनका लाभ खेल प्रतिभाओं को नहीं मिल पा रहा है। इसी कड़ी में नीलोखेड़ी हलके के गांव रमाणा-रमाणी में चार एकड़ में बना खेल स्टेडियम की हालत आज काफी खस्ता हो चुकी है। यहां घास उगी हुई है, कोई खेल उपकरण भी उपयोग करने लायक नहीं बचा है।
करीब चार हजार की आबादी वाले इस गांव में जब खेल स्टेडियम बनाया गया तो स्थानीय युवाओं में उम्मीद जगी कि उन्हें अब खेल प्रतिभा को निखारने का पूरा मौका मिल पाएगा लेकिन समय के साथ ये स्टेडियम भी खिलाड़ियों के सपनों को पंख देने के बजाय अपनी जर्जर हालत पर आंसू बहा रहा है। बुनियादी खेल सामग्री तक उपलब्ध नहीं है। यहां क्रिकेट मैदान भी है और बॉलवाल के लिए भी व्यवस्था की गई है लेकिन अब मैदान में घास उग गई है, मैदान खेलने लायक ही नहीं बचा है। बालीवाल के उपकरण खराब हो गए। इंडोर गेम का भी कुछ सामान उपलब्ध कराया गया था लेकिन अब यहां कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। आलम यह है कि खिलाड़ी अभ्यास तो करना चाहते है, लेकिन मैदान की हालत और संसाधनों के अभाव में उनकी प्रतिभा दम तोड़ने को मजबूर है। खेल सामग्री और बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा तो गांव के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का मौका मिलेगा। ग्रामीणों का भी कहना है कि गांव में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं का अभाव उन्हें पीछे धकेल रहा है। साथ खेल स्टेडियमों की सुरक्षा को लेकर कोई व्यवस्था नहीं है। समय रहते स्टेडियम की हालत नहीं सुधरी तो यह मैदान केवल नाम का स्टेडियम बनकर रह जाएगा।
गांव के सरपंच मलकीत सिंह का कहना है कि स्टेडियम को दुरुस्त करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे है। स्टेडियम में एक स्टेज और भवन का निर्माण जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को बैठने व अभ्यास करने की सुविधाएं मिल सकें। साथ ही मैदान की नियमित सफाई और खेल उपकरण के लिए खेल विभाग को लिखित में दे दिया है, ताकि खेल उपकरण जल्द से जल्द उपलब्ध हो सके।