जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के दौरान डा. मंगलसेन ऑडीटोरियम में आयोजित सेमिनार में उपस्थित
करनाल। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कर्म करते हुए फल की इच्छा के बिना आगे बढ़ते रहना चाहिए। भाग्य उसी का चमकेगा जो कर्म करेगा। पवित्र मन व लोक कल्याण की भावना से किए कर्म का फल निश्चित रूप से मिलता है। 2014 से पहले गीता जयंती महोत्सव का स्वरूप केवल कुरुक्षेत्र तक सीमित था, लेकिन उसके बाद यह प्रादेशिक, फिर राष्ट्रीय और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का हो गया है। ऐसे में दुनिया में गीता के श्लोक गूंज रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री शनिवार को डॉ. मंगलसेन सभागार में जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। श्रीमद्भागवत गीता को नमन करने के बाद मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में श्लोकों का अध्ययन करना चाहिए। गीता के किसी भी श्लोक का एक वाक्य भी जीवन में उतार लेने से पूरी गीता का लाभ मिल सकता है, इस विचार के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। गीता ग्रंथ हमारे जीवन का सार है। विश्व में शांति लाने के लिए गीता श्री कृष्ण का संदेश है। शांति कायम करनी है तो दुनिया में गीता का संदेश पहुंचाना होगा। उन्होंने बताया कि सात दिसंबर को पश्चिम बंगाल में किए जाने वाले गीता श्लोकोच्चारण कार्यक्रम में पांच लाख बच्चे भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज भी शिरकत करेंगे।