संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान में रविवार रात हुए सड़क हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया। नई गाड़ी चलाने का उत्साह कुछ ही सेकंड में मातम में बदल गया। एक मां ने स्टीयरिंग संभाला, पिता पास बैठे थे और मासूम बेटी उसकी गोद में हंस रही थी…। अगले ही पल एक कुत्ता कार के सामने आया, घबराहट हुई और जिंदगी की रफ्तार हमेशा के लिए थम गई।
हादसा रविवार को संस्थान परिसर में हुआ। संस्थान में टेक्निकल ऑफिसर बृजेश सक्सेना अपनी पत्नी आरती (35) और पांच साल की बेटी अयांशी के साथ थे। आरती नई कार चलाकर देख रही थीं। अचानक सामने आए कुत्ते से बचने की कोशिश में ब्रेक की जगह मौत का एक्सीलेटर दब गया और कार बेकाबू होकर पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मासूम अयांशी पिता की गोद से उछलकर आगे के शीशे से जा टकराई। उसकी मासूम हंसी चीख में बदल गई।
घायल मां-बेटी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान करीब दो घंटे बाद आरती भी जिंदगी की जंग हार गईं। एक पल की चूक ने बृजेश सक्सेना से उनकी पूरी दुनिया छीन ली। घर की खुशियां मातम में बदल गईं।
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यूकेजी में पढ़ती थी अयांशी
आरती (35) पंचकूला में एस्टेट ऑफिस में क्लर्क के पद पर कार्यरत थीं। उनकी दो बेटियां थीं। पांच साल की अयांशी यूकेजी में पढ़ती थी। दूसरी बच्ची 7 महीने की है। हादसे के समय वह घर पर ही थी।
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स्टीयरिंग में छाती लगने से मौत, बाद में खुले थे एयरबैग
हादसे के समय कार काफी तेज थी। पेड़ से कार टकराई तो आरती की छाती में गाड़ी का स्टीयरिंग लगा। अंदरूनी चोट लग गई। गाड़ी के एयरबैग बाद में खुले। बच्ची का सिर गाड़ी के शीशे में लगा था। नाक और मुंह से ज्यादा खून बहने से उसकी मौत हो गई। -
वर्जन
हादसा के दौरान आरती को छाती में स्टीरिंग लगने से चोट लगी थी। गाड़ी के एयरबैग भी बाद में खुले थे। इलाज के दौरान आरती ने दम तोड् दिया। बच्ची अयांशी की मौत रास्ते में हो गई थी। -प्रदीप कुमार, पुलिस जांच अधिकारी, रामनगर थाना करनाल