सांसद डॉ. अरविंद शर्मा के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समक्ष अव्यवस्था का माहौल बना रहा। सांसद के साथ मुख्यमंत्री को केक तक पहुंचने के लिए कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद बहुत मुश्किल से गुरजना पड़ा।
ऐसा नहीं था कि लोगों की भीड़ बेशुमार हो लेकिन कुछ लोगों ने सीएम और सांसद की नजर में नंबर बनाने के लिए व्यवस्था को गड़बड़ा दिया। हालत यह रही है कि सीएम के बिल्कुल निकट ही एक मीडियाकर्मी का कैमरा छीनने का प्रयास किया गया और उससे मारपीट की गई।
व्यवस्था बनाने के लिए आईजी करनाल बलबीर सिंह और एसपी शशांक आनंद स्वयं लोगों को नियंत्रित करते नजर आए। मुख्यमंत्री करीब एक बजे सांसद डॉ. अरविंद शर्मा के साथ उनके करनाल सेक्टर छह स्थित आवास पर पहुंचे।
सांसद के जन्मदिवस पर बधाई देने के लिए सांसद समर्थक काफी संख्या में गाजेबाजे के साथ पहुंचे थे लेकिन इतनी भीड़ कतई नहीं थी कि नियंत्रित नहीं की जा सके। सीएम और सांसद एक साथ केक काटने के लिए पंडाल में पहुंच रहे थे।
सांसद के समर्थक नारे लगाते हुए पंडाल में जा रहे थे। सीएम की कड़ी सुरक्षा होने के बावजूद काफी समर्थकों में सीएम और सांसद को चेहरा दिखाने और उनके साथ दिखने के लिए होड़ मच गई। इसी बीच जमकर धक्कामुक्की हुई।
इसी धक्कामुक्की के माहौल में सीएम ने ठीक एक बजकर छह मिनट पर सांसद से केक कटवाया और उन्हें अपने हाथ से केक खिलाया। सीएम ने सांसद को जन्मदिवस की बधाई दी। केक काटने के बाद सीएम और सांसद वापस लौटने लगे तो लोगों में धक्कामुक्की जारी रही। सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को खींच-खींचकर दूर किया।
इस दौरान मीडिया कर्मियों से सीएम बात नहीं कर पाए। सांसद अपने साथ सीएम को अपनी कोठी के भीतर ले गए। मीडियाकर्मी अंदर नहीं जा पाए। सीएम बाहर लौटे तो सामने मीडिया कर्मियों के खडे़ होने के बावजूद सीएम बिना बात किए ही निकल गए। लोगों में चर्चा रही कि सीएम अव्यवस्था के माहौल से नाराज दिख रहे थे। मौके पर सांसद को लोकसभा क्षेत्र के काफी समर्थकों ने जन्मदिवस की बधाई दी। सांसद ने भी सीएम के जाने के बाद समर्थकों को संबोधित किया और उनके विश्वास पर खरा उतरने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत चेयरमैन को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जिला परिषद करनाल के चेयरमैन स्वर्गीय अंग्रेज सिंह धूमसी की रस्म क्रिया में पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि समारोह गांव धूमसी के समीप इंद्री-लाडवा रोड पर स्थित गार्डन में आयोजित किया गया था।
वहां पर मौजूद कई हजार लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने उन्हें एक नेक, ईमानदार व बेदाग छवि का व्यक्ति बताया और कहा कि उनकी कमी सदा पार्टी व क्षेत्र के लोगों को खलती रहेगी। मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा कि आना-जाना प्रकृति का नियम है, इस नियम के सामने कोई भी कुछ नहीं कर सकता।
पंजाब के लोक निर्माण मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने अंग्रेज सिंह धूमसी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह जिससे भी मिलते थे, उस पर अपनी छाप छोड़ देते थे।
हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, सांसद नवीन जिंदल व हिसार से विधायक सावित्री जिंदल, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व मंत्री वेदपाल, पूर्व विधायक जयसिंह राणा, पूर्व विधायक राकेश कंबोज, पंजाब से आए मनजीत सिंह ढिल्लों जगराओ, पूर्व मंत्री भीम सेन मेहता, कर्म सिंह खानपुर, नाहर सिंह संधू, अमीचंद कंबोज, डॉ. सुुनील पंवार, अंग्रेज सिंह सैनी, सरदार रतन सिंह के अतिरिक्त अनेक गणमान्यों ने धूमसी को श्रद्धांजलि दी।
बेटे ने कहा, पिता के सपने पूरे करूंगा
अंग्रेज सिंह धूमसी के पुत्र प्रदीप सिंह धूमसी ने कहा कि उनके पिता के सपने वह पूरा करेंगे। वे विदेश में कामकाज छोड़कर पिता के सभी कार्यों को संभालेंगे।