संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में 40 स्कूल शिक्षा विभाग की अनुमति व सरकारी नियमों के विपरीत चल रहे हैं। नए सत्र से पहले मनाही के आदेशों के बावजूद इन अमान्य स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले किए गए और नियमित रूप से कक्षाएं लग रही हैं।
विभाग के आदेशों के छह महीने बाद भी शिक्षा विभाग की ओर से इन स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इन स्कूलों पर कार्रवाई न होने से जिला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड व शिक्षा निदेशालय ने नए सत्र से पहले ही मान्यता न लेने वाले स्कूलों के सभी दाखिले अमान्य करने के आदेश जारी किए थे। बोर्ड ने इसके लिए जिले के 40 अमान्य स्कूलों के नामों की सूची जारी की थी। इन स्कूलों में दाखिला करने पर रोक लगा दी थी। परंतु निजी स्कूलों ने बोर्ड व विभाग के आदेशों को ठेंगा दिखाकर दाखिले कर लिए और इनमें कक्षाएं भी लग रही हैं। अब सभी स्कूलों में तिमाही परीक्षा के नाम पर अभिभावकों से फीस भी ली जा रही है। बोर्ड ने इन 40 स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रमाणपत्रों को भी अमान्य घोषित कर दिया है। ऐसे में इन स्कूलों के विद्यार्थियों व अभिभावकों के लिए भारी दिक्कत खड़ी हो गई है। वहीं विभाग ने ऐसे किसी स्कूल पर कार्रवाई नहीं की है।
सूची में शामिल इन स्कूलों के नाम
विभाग की सूची में जिले के 40 स्कूलों के नाम है। इनमें अधिकांश स्कूल ऐसे हैं जिनके पास किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं है। यह सूची खंड शिक्षा अधिकारियों की जानकारी के अनुसार तैयार की गई है।
सूची में मात्र दस स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय चलाने की अनुमति है। परंतु 30 स्कूल पूरी तरह गैर कानूनी तरीके से चलाए जा रहे हैं। सूची के अनुसार सबसे कम अमान्य स्कूल छछरौली में दो, रादौर में दो और सरस्वतीनगर खंड में दो स्कूल हैं। साढौरा में चार स्कूल और बिलासपुर में कुल छह स्कूल गलत तरीके से चलाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा स्कूल जगाधरी खंड में हैं। जगाधरी खंड में अमान्य स्कूलों की संख्या 24 है।
विभाग की जारी सूची में शामिल स्कूलों से उनके दस्तावेज मांगे गए हैं। इसके लिए टीम भी गठित की गई है। सूची के सभी स्कूलों में जांच की जाएगी। मान्यता के अलावा अन्य सुरक्षा के बंदोबस्त व मानकों का भी जायजा लिया। ऐसे स्कूलों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। -धर्मेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।