बुढ़ाखेड़ा निवासी सब्जी विक्रेता संजय सैनी की बेटी शिवानी और सलाैनी सदमे में हैं। आंसू रुक नहीं रहे। पीड़ा ये भी है कि कोई पिता को बचाने के लिए नहीं आया। बोलीं कि आज के समय में इंसानियत मर चुकी है। दोनों युवक उन पर और पिता को पीटते रहे लेकिन इतनी बड़ी मार्केट में से कोई विरोध में नहीं बोला। सभी बस खड़े होकर तमाशा देखते रहे। कोई उन्हें बचाने के लिए नहीं आया। कोई बीच-बचाव करता तो आज उनके पिता जीवित होते।
शिवानी ने बताया कि पिता की हत्या के बाद आरोपी पैदल ही निकल गए। आरोपियों को पकड़ना तो दूर की बात, किसी ने 112 पर कॉल करके पुलिस को भी सूचना नहीं दी। अगर पुलिस को सूचना दी होती तो आरोपियों को पकड़ा जा सकता था। पुलिस को अस्पताल से झगड़े में हत्या होने की जानकारी मिली। संजय सैनी चार बेटियों के पिता थे। अब परिवार में उनकी पत्नी अनु और बेटियां रह गई हैं।
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रुपये मांगने पर बोले, 10 रुपये में महल खड़ा करोगे
बेटी सलौनी के अनुसार, रुपये मांगने पर युवकों ने कहा था कि क्या 10 रुपये में महल खड़ा कर लोगे। उसने बताया था कि यही 10 रुपये उनकी बचत हैं। बहस पर पिता ने टोका तो युवकों ने उन पर अभद्र टिप्पणी कर दी।
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मां और बेटी को भी युवकों ने पीटा
शिवानी ने बताया कि उसकी छोटी बहन सलौनी पिता को बचाने के लिए डंडा लेकर आगे आई। आरोपियों ने उससे डंडा छीन लिया और उसकी बाजू पर मारा। मां अनु बीच-बचाव करने पहुंचीं तो आरोपियों ने उनकी भी पिटाई की।