घरौंडा (करनाल)। विवाह के दौरान जीवन भर एक साथ जीने और मरने की कसमें खाई जाती हैं। घरौंडा के एक बुजुर्ग दंपती महेंद्र पाल गुप्ता और शीला देवी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। पति की मौत के बाद पत्नी ने भी सदमे में अपने प्राण त्याग दिए। दोनों की शव यात्रा भी एक साथ निकली और शिवपुरी में एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार हुआ। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है।
परिजनों ने बताया कि विग कॉलोनी निवासी 78 वर्षीय महेंद्रपाल गुप्ता काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। जिनकी शनिवार सुबह सात बजे मृत्यु हो गई थी। महेंद्र पाल की मृत्यु के बाद उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। उनकी 86 वर्षीय पत्नी शीला देवी ने अंतिम संस्कार की सभी उन रस्मों को निभाया, जो हिंदू धर्म में निभाते हैं। पत्नी शीला देवी ने जैसे ही रस्मों को निभाया, वह भी अचेत होकर गिर गईं और अपने प्राण त्याग दिए।
परिवार के लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिरकार ये क्या हो गया है। परिजन शीला देवी की जांच कराने के लिए अस्पताल भी ले कर गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पति-पत्नी की मृत्यु होने से पूरे परिवार में गम का माहौल है। दंपती के बेटे मुकेश गुप्ता ने बताया कि उसके पिता महेंद्र गुप्ता की शनिवार को मृत्यु हो गई थी। अंतिम संस्कार करने की तैयारी घर पर की जा रही थी तो जैसे उसकी माता शीला देवी ने भी कुछ रस्में निभाईं तो उसी समय उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि वे समझ नहीं पाए कि ये क्या हुआ।