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किसानों-वैज्ञानिकों की मेहनत से गेहूं पैदावार में आगे बढ़ रहा देश : डॉ. रतन तिवारी

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आज भी हरियाणा के कई जिलों के किसानों को किया जाएगा बीज वितरण
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूआई) करनाल में सोमवार को हरियाणा के कई जिलों के किसानों को बीज वितरण किया गया। इस मौके पर किसान-वैज्ञानिक संवाद में संस्थान के निदेशक डॉ.रतन तिवारी ने कहा कि वैज्ञानिकों और किसानों की मेहनत से ही आज देश गेहूं उत्पादन में नई उंचाईयों को छू रहा है। देश की फसल उपज तेज गति से बढ़ रही है। इनमें जलवायु अनुकूल नई किस्मों का भी अहम योगदान है। इस मौके पर कई किसानों को सम्मानित भी किया गया।
आईआईडब्ल्यूबीआर में 19 अक्तूबर से शुरू हुई किसान मेला एवं बीज वितरण समारोह में सोमवार को हरियाणा के अंबाला, भिवानी, चरखीदादरी, फरीदाबाद. फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद व कैथल जिले के किसानों को गेहूं वितरण किया गया, जबकि मंगलवार को करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत व यमुना नगर के किसानों को नई किस्मों की गेहूं का बीज दिया जाएगा। किसानों को डीबीडब्ल्यू 187, डीबीडब्ल्यू 222, डीबीडब्ल्यू 303, डीबीडब्ल्यू 327, डीबीडब्ल्यू 332, डीबीडब्ल्यू 370, डीबीडब्ल्यू 371, डीबीडब्ल्यू 372 डीबीडब्ल्यू 316 आदि किस्मों एवं जौ की डीडब्ल्यूआरबी 137 किस्म का बीज वितरित किया गया।
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इस मौके पर आयोजित किसान-वैज्ञानिक संवाद में किसानों को नव-तकनीकी ज्ञान भी दिया गया। संस्थान के निदेशक डॉ रतन तिवारी ने कहा कि शीघ्र ही 13 नई किस्में भी रिलीज होंगी, जिनका बीज अगले साल किसानों को मिल सकता है। उन्होंने किसानों से देश हित में पराली न जलाने की अपील की।
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जौ सुधार विभाग के प्रमुख डॉ ओमवीर सिंह ने जौ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जौ के फसल उत्पादन के पहलुओं पर नई तकनीकी जानकारी दी। डॉ.अनिल खिप्पल व संसाधन प्रबंधन के प्रधान अन्वेंषक डॉ सुभाष गिल ने गेहूं की अधिक पैदावार की उन्नत सस्य क्रियाएं विषय जानकारी दी। प्रधान वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र सिंह छोक्कर ने गेहूं की फसल में खरपतवार प्रबंधन पर विशेष व्याख्यान दिया। युवा वैज्ञानिक डॉ नीरज कुमार ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के गुरु मंत्र बताए। इस अवसर पर फसल सुधार के प्रमुख डॉ ओपी अहलावत, गुणवत्ता एवं मूलभूत विज्ञान के प्रमुख डॉ सुनील कुमार, डॉ लोकेंद्र कुमार, डॉ चंद्र नाथ मिश्र, डॉ राजेंद्र सिंह, डॉ सिंधु सरीन, डॉ सुमन लता, डॉ अजय वर्मा, डॉ हनीफ़ खान, मीडिया प्रभारी राजेंद्र शर्मा आदि उपस्थित थे। मंच संचालन प्रधान वैज्ञानिक डॉ अनुज कुमार ने किया।
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