बिजली निगम उपभोक्ता को सस्ते मीटर मुहैया कराएगा। निगम के मुख्यालय से
सर्कुलर जारी कर दिया है। इसके तहत जिले के उपभोक्ताओं के लिए 21 हजार
बिजली मीटर आ चुके हैं और निगम के अधिकारियों ने 24 हजार मीटरों की और
डिमांड भेज दी है। इससे उपभोक्ताओं की बड़ी परेशानी हल हो गई है।
क्योंकि
निगम से मीटर नहीं मिलने के कारण उपभोक्ता को मार्केट से मीटर खरीदना पड़ता
है, जो निगम के मीटर से काफी महंगा है। मार्केट से महंगा मीटर लेने के बाद
उसकी निगम की टेस्टिंग लैब से चेक करवाने के लिए अलग से फीस जमा करानी
पड़ती है। इससे जिले के करीब तीस हजार उपभोक्ता परेशान हैं।
बिजली निगम के
आंकड़ों के मुताबिक सरकुर्लर जारी होने के बाद 20 हजार मीटर सिंगल फेस के
और एक हजार मीटर थ्री फेस के मीटर मिल गए हैं। उपभोक्ताओं की संख्या को
देखते हुए करीब 24 हजार मीटरों की और डिमांड भेज दी है। निगम के मीटर बाजार
के मुकाबले सस्ते बताए जा रहे हैं।
इससे पहले निगम के स्टोर में बिजली
मीटरों की भारी किल्लत के चलते नया मीटर लेने वाले उपभोक्ताओं को मीटर नहीं
मिल रहे थे। निगम ने इन मीटरों के उपलब्ध होने पर उपभोक्ताओं के लिए दोनों
विकल्प खुले कर दिए हैं, जिसमें पहले विकल्प में तो उपभोक्ता चाहे तो निगम
स्टोर से बिजली मीटर ले सकता है, जबकि दूसरे विकल्प में उपभोक्ता चाहे तो
बाहर से बिजली का मीटर भी खरीदकर निगम कार्यालय में जमा करा सकता है। बिजली
निगम ने सस्ते बिजली मीटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। नए मीटर लेने
वालों को अब बाजार के साथ निगम के स्टोर से भी मीटर मिल सकेगा।
निगम और बाजार के मीटर में भारी अंतर
बिजली
वितरण निगम के स्टोर से उपभोक्ता को सिंगल फेज के मीटर के लिए 1100 रुपये
चार्ज देना पड़ेगा। इसमें मीटर टेस्टिंग भी शामिल होगी। इसके साथ मीटर
बॉक्स और 30 मीटर लंबी केबल भी मुफ्त मिलेगी। थ्री फेज बिजली मीटर के लिए
करीब 2500 रुपये मीटर कॉस्ट ली जाएगी। बाजार में सिंगल फेज मीटर के लिए
उपभोक्ता को 1500 से 1800 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि थ्री फेज बिजली
मीटर के लिए 3500 से 4000 रुपये तक खर्च उठाना पड़ता है। निगम के इस फैसले
से सिंगल फेज कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता को 700 रुपये तक की बचत होगी,
जबकि थ्री फेज में करीब 1500 रुपये तक का फायदा मिलेगा।
एमसीओ पर स्टोर से मिलेगा
निगम
की ओर से पहले केवल एमसीओ (मीटर चेंज आर्डर) पर ही स्टोर से बिजली मीटर
उपभोक्ता को उपलब्ध कराया जाता था। इसके लिए निगम कार्यालय में उपभोक्ताओं
को एक निश्चित राशि जमा करानी होती है। इसके बाद ही उपभोक्ता के घर पर
बिजली मीटर लगाया जाता है। निगम द्वारा यह व्यवस्था स्टोर में बिजली मीटरों
की किल्लत होने पर अमल में लाई गई थी। अब सभी प्रकार के उपभोक्ताओं को
निगम मीटर उपलब्ध कराएगा। इससे जहां उपभोक्ताओं को सुविधा होगी।