करनाल। अब स्वच्छता सर्वे की तैयारी है, जो 9500 अंक का होगा। इसमें टॉप रैकिंग पाने के लिए नगर निगम ने भी कमर कस ली है। जिसके तैयारियों के क्रम में बुधवार को निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने सफाई शाखा के अधिकारियों कर्मचारियों के साथ बैठक करके उन्हें उनकी जिम्मेदारी समझाई। उन्होंने कहा कि वह एक-एक अधिकारी व कर्मचारी का प्रदर्शन और परिणाम खुद चेक करेंगी। फिलहाल निगम ने कचरामुक्त शहर में फाइव स्टार रेटिंग पर दावेदारी की थी।
निगमायुक्त ने निगम की ओर से पूर्व में कचरा (गारबेज) फ्री सिटी व ओडीएफ प्लस जैसे विभिन्न पैरामीटर्स पर काम करते हुए तीन स्टार रेटिंग हासिल की थी। चालू सर्वेक्षण में निगम गारबेज फ्री में पांच स्टार रेटिंग तथा वाटर प्लस के लिए आवेदन कर रहा है। गारबेज फ्री सिटी में डोर टू डोर पृथक कूड़ा एकत्रीकरण, रिहायशी व वाणिज्यिक क्षेत्रों में गहन सफाई जैसे बिंदु शामिल हैं। वाटर प्लस के तहत उपचारित जल का कम से कम 20 प्रतिशत प्रयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। ऐसे पानी से बागवानी, सिंचाई, औद्योगिक जरूरतें, निर्माण कार्य व सडक़ों की सफाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि शहर की साफ-सफाई करने वालों को सुरक्षा उपकरण मुहैया हों, यह सुनिश्चित रहेगा। सफाई कर्ताओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर जैसी गतिविधियां निगम द्वारा की जा चुकी हैं। ऐसे कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलवाया जा रहा है।
निगमायुक्त ने बताया कि शहर में जितने भी सार्वजनिक व जन शौचालय हैं, उन पर स्वच्छता स्लोगन लिखवाए जाएंगे। सभी सुविधाओं से युक्त बेस्ट टॉयलेट का चुनाव भी करेंगे। इसी प्रकार विभिन्न सड़कों के साथ दीवारों पर भी इस तरह के स्लोगन और पेंटिंग करवाई जाएगी, ताकि नागरिक स्वच्छता के प्रति शिक्षित रहें। उन्होंने पिंक तथा एस्पायरेंशनल टॉयलेट बनाने के भी निर्देश दिए।
सिटी टीम लीडर व ट्रीगर मास्टर को निर्देश दिए कि शहर में जन जागरूकता के लिए अधिक से अधिक सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियां चलाई जाएं। इनमें युवाओं को भी शामिल किया जाए। डोर टू डोर जाकर गीला व सूखा कचरा अलग-अलग करवाया जाए। एकल प्रयोग प्लास्टिक पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया जाए। बल्क वेस्ट जेनरेटर्स से उनके परिसर में ही गीले कचरे की प्रोसेसिंग करवाई जाए। शहर में गंदगी फैलाने, खुले में शौच तथा सिंगल यूज प्लास्टिक की ब्रिकी करने वालों के चालान किए जाएं।
बैठक में उप निगम आयुक्त अशोक कुमार तथा कार्यकारी अभियंता प्रियंका सैनी के अतिरिक्त सफाई तथा अभियंता शाखा के कर्मचारी शामिल रहे।
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किसके होंगे कितने अंक-
- निगमायुक्त ने बताया कि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण 9500 अंको का रहेगा। इसमें 5705 अंक सेवा स्तर प्रगति के, 2500 प्रमाणीकरण तथा 1295 अंक जनांदोलन के तय हैं। सेवा स्तर प्रगति में गीले व सूखे कचरे का अलग-अलग एकत्रीकरण, ठोस अपशिष्ट की प्रोसेसिंग व निस्तारण तथा स्थायी स्वच्छता और सफाई मित्र सुरक्षा जैसे बिंदु शामिल होंगे। प्रमाणीकरण में कचरामुक्त शहर और ओडीएफ, ओडीएफ-प्लस, ओडीएफ-प्लस प्लस तथा वाटर प्लस को शामिल गया है, जबकि जन आंदोलन में स्वच्छता को लेकर नागरिकों की फीडबैक, लोकल ब्रांड एंबेसडर की सहभागिता, एकल प्रयोग प्लास्टिक बैन, स्वच्छता एप पर आई शिकायतों का निवारण तथा स्वच्छ वार्ड रैंकिंग जैसे बिंदुओं को शामिल किया गया।
इन पर रहेगा जोर
- बैठक में थ्री आर यानी रिड्यूज, रियूज और रिसाईकल पर जोर दिया जाएगा। इसमें वेस्ट टू वंडर पार्क के तहत शहर के सेक्टर-13 स्थित एक पार्क में वेस्ट से निर्मित कुर्सिया, बैंच, सोफे व क्यारियां बनाई गई हैं, ताकि पार्क में जाने वाले लोगों को वेस्ट के रियूज के प्रति समझ-बूझ मिल सके। अन्य पार्कों में भी वेस्ट से निर्मित अलग-अलग कलाकृतियां स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। धार्मिक व अन्य आयोजन स्थलों पर जीरो वेस्ट कार्यक्रम भी करवाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त वार्ड 10 को आत्म निर्भर व स्वच्छ वार्ड बनाया गया है।