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Karnal News: राजकीय स्कूलों की सुधरेगी हालत, भवनों की मरम्मत और संसाधन बढ़ाने पर जोर

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प्रदेश के 14465 राजकीय स्कूलों के लिए शिक्षा परियोजना परिषद ने जारी किए 61.42 करोड़, 10 प्रतिशत स्वच्छता पर होगा खर्च
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- छात्र संख्या के हिसाब से स्कूलों को मिलेगी राशि, कोरोना के कारण चार साल बाद शिक्षण सामग्री और मरम्मत कार्यों का बजट बढ़ा



गगन तलवार

करनाल। प्रदेश के सभी राजकीय स्कूलों की हालत इस साल के अंत तक बेहतर हो जाएगी। शिक्षा विभाग का इस साल स्कूलों के भवनों की मरम्मत कराने के अलावा संसाधन बढ़ाने पर जोर रहेगा। ऐसे में आने वाले समय में राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से इस वर्ष के लिए जारी बजट में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है।

प्रदेश के कुल 14465 राजकीय स्कूलों के लिए 61.42 करोड़ रुपये की स्कूल अनुदान राशि जारी की गई है। यह राशि छात्र संख्या के हिसाब से स्कूलों को आवंटित की जाएगी। खास बात यह है कि 2020 के मुकाबले कोरोना के बाद इस बार शिक्षण सामग्री खरीदने और मरम्मत कार्यों का बजट बढ़ा है जबकि 2020 में कुल राशि का 25 प्रतिशत केवल सैनिटाइजेशन के लिए आरक्षित था। इस बार केवल 10 प्रतिशत बजट ही सफाई के लिए है। एपीसी डॉ. सचिन ने बताया कि शिक्षण सामग्री के कुल 20 प्रतिशत बजट में 10 प्रतिशत केवल विज्ञान या ईवीएस और गणित विषय की शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए है। अन्य 10 प्रतिशत राशि से अन्य सभी विषय की शिक्षण सामग्री खरीदी जाएगी। अन्य सभी कार्यों के लिए आरक्षित 70 प्रतिशत राशि से उपकरणों की खरीद, स्टेशनरी, पानी, बिजली एवं इंटरनेट के बिल भुगतान, स्कूल भवन या शौचालयों की मरम्मत, पौधरोपण, विशेष दिवसों पर कार्यक्रमों एवं वार्षिक खेलों पर खर्च होगी। ब्यूरो
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10 हजार से एक लाख तक मिलेगी ग्रांट

कुल राशि आवंटित करने के लिए छात्र संख्या के हिसाब से पांच श्रेणियां रखी गई हैं। जिनमें एक से 30 से लेकर एक हजार से अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूल की श्रेणी अलग है। 30 छात्र संख्या वाले स्कूल को 10 हजार रुपये का बजट मिलेगा वहीं एक हजार से ज्यादा छात्र संख्या वाले स्कूल को एक लाख रुपये जारी होंगे। साथ ही 251 से 1000 छात्र संख्या वाले स्कूल को 75 हजार रुपये मिलेंगे। 100 से कम और 30 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूल को 25 हजार रुपये दिए जाएंगे।



मौलिक में 100, सेकेंडरी में हजार छात्र संख्या वाले स्कूल अधिक

विभाग की ओर से 11094 मौलिक और 3371 सेकेंडरी स्कूलों के लिए ग्रांट जारी की गई है। मौलिक स्कूलों के लिए 40.20 और सेकेंडरी स्कूलों के लिए 21.22 करोड़ रुपये राशि जारी हुई है। इनमें ओवरऑल 31 से 100 छात्र संख्या वाले स्कूल सर्वाधिक हैं। इनमें 5300 मौलिक और 275 सेकेंडेरी हैं। इन्हें कुल 13.94 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली है। मौलिक स्कूलों में देखें तो 31 से 100 छात्र संख्या वाले 5300 सर्वाधिक स्कूल हैं जबकि सेकेंडरी में 251 से 1000 छात्र संख्या वाले 1735 स्कूल हैं।


इस तरह खर्च होगी राशि (रुपये में)

छात्र संख्या


01 से 30
31 से 100
101 से 250
251 से1000
1000 से अधिक

स्वच्छता (10%)

1000
2500
5000
7500
10000

विज्ञान/ईवीएस, गणित शिक्षण सामग्री (10%)
1000
2500
5000
7500
10000


अन्य विषय शिक्षण सामग्री (10%)
1000
2500
5000
7500
10000

अन्य कार्य (70%)

7000
17500
35000
52500
70000

कुल ग्रांट (रुपये में)

10000
25000
50000
75000
100000

(मिडल, हाई व वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान विषय एवं प्राथमिक स्कूलों में ईवीएस विषय रहेगा।)

किस जिले का कितना बजट

जिला
स्कूल
मौलिक बजट
सेकेंडरी बजट
कुल बजट (करोड़ में)

नूंह
934
4.01
0.91
4.92

हिसार
887
2.44
1.70
4.14

सिरसा
842
2.41
1.30
3.71

करनाल
778
2.30
1.18
3.48

जींद
742
2.05
1.34
3.39

सोनीपत
712
1.92
1.25
3.17

भिवानी
755
1.88
1.22
3.09

यमुनानगर
926
2.30
0.76
3.06

फतेहाबाद
626
1.90
1.03
2.93

पलवल
616
2.16
0.74
2.90

कैथल
603
1.77
1.09
2.86

गुरुग्राम
579
1.83
0.92
2.75

कुरुक्षेत्र
788
1.87
0.77
2.64

अंबाला
770
1.69
0.95
2.64

पानीपत
424
1.47
0.86
2.33

महेंद्रगढ़
732
1.46
0.83
2.29

फरीदाबाद
379
1.46
0.73
2.19

रेवाड़ी
642
1.35
0.82
2.17

झज्जर
526
1.04
0.91
1.95

रोहतक
411
0.98
0.89
1.87

पंचकूला
424
1.14
0.46
1.60

चरखीदादरी
369
0.76
0.57
1.33

कुल
14465
40.20
21.22
61.42



फोटो 102

वर्जन

राशि खर्च करने के लिए अलग से निर्देश जारी हुए हैं। स्कूलों को शिक्षण सामग्री की खरीद इसी माह के अंत तक करनी होगी। प्रत्येक खर्च का रजिस्टर में रिकाॅर्ड रखना जरूरी होगा। शिक्षण सामग्री की खरीद के लिए तीन सदस्यीय कमेटी भी बनानी होगी। मरम्मत कार्य के पहले व बाद के फोटो भी रिकाॅर्ड में रखने होंगे। - डॉ. सचिन, एपीसी, समग्र शिक्षा
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वर्जन

बजट की राशि स्कूल प्रबंधन कमेटी के बैंक खाते में जारी होगी। इस राशि को दिसंबर 2023 तक खर्च कर सकते हैं। स्कूलों की मरम्मत सहित अन्य कार्यों के लिए 70 प्रतिशत बजट आरक्षित है। कुल 61.42 करोड़ का बजट सभी जिलों के लिए जारी हुआ है। निर्देशों के आधार पर ही स्कूल राशि खर्च कर सकते हैं। - वंदना परुथी, डीपीसी, समग्र शिक्षा
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