संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल।डिजिटल दौर में सोशल मीडिया की चमक-दमक ने लोगों के जीने और सोचने के तरीके को बदल दिया है, जिसके कारण परिवारों में तुलना, अवास्तविक उम्मीदें और दिखावे की दौड़ ने रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है। 23 वर्षीय युवती ने काउंसिलिंग के दौरान बताया कि वह अधिकतर समय सोशल मीडिया पर व्यस्त रहती थी और खुद को परफेक्ट दिखाने के चक्कर में परिवार के साथ संवाद करना भी कम हो गया था।
आज का युवा इंस्टाग्राम, फेसबुक और रील्स पर अपनी परफेक्ट लाइफ की झलक दिखाने की होड़ में है, जिससे वह अपनी वास्तविक जरूरतों से दूर हो जाता है। इसका असर परिवारों के व्यवहार, युवाओं की सोच और माता-पिता के साथ संवाद पर साफ दिखाई दे रहा है। मनोविशेषज्ञ डॉ. सौभाग्य सिंधु ने बताया कि सोशल मीडिया के कारण युवाओं और महिलाओं में तनाव बढ़ रहा है। परिवारों में पहले के मुकाबले टकराव ज्यादा हो रहे हैं, क्योंकि लोग सोशल मीडिया पर दिखाए गए जीवन से अपनी वास्तविकता की तुलना करने लगे हैं। माता-पिता की शिकायत रहती है कि उनका बच्चा ऐसी चीजों की मांग करता है जो उनके बजट से बाहर होती हैं।
महिलाओं पर भी हो रहा प्रभाव
सुकून केंद्र की काउंसलर अर्चना ने बताया कि जब महिलाओं को उनके परिवार या काम में प्रशंसा नहीं मिलती, तो वे सोशल मीडिया पर सक्रिय होने लगती हैं। इस दौरान महिलाएं सोशल मीडिया पर दिखाए गए जीवन को वास्तविक समझकर अपने परिवार और पति से अपेक्षाएं रखने लगती हैं, जिससे रिश्तों में तनाव बढ़ता है। इसलिए जरूरी है कि यदि महिलाएं दोहरी जिम्मेदारी निभा रही हैं तो उनके काम की सराहना की जाए, न कि उनमें कमियां निकाली जाएं। इससे रिश्तों में सुधार हो सकता है और पारिवारिक विवादों में कमी आ सकती है।
तीन बार करनी पड़ी काउंसिलिंग
केस-1
काउंसिलिंग के दौरान एक 34 वर्षीय महिला ने बताया कि घर के कामों के बाद वह अक्सर खाली महसूस करती थी और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने लगी। इस दौरान वह सोशल मीडिया पर दिखाए गए जीवन से खुद को तुलना करने लगी, जिससे उसके मानसिक स्थिति पर दबाव पड़ा। महिला की तीन बार काउंसिलिंग की गई। उन्हें कई प्रकार की थेरेपी दी गई। इससे उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ।
घर छोड़ने की धमकी देती थी बेटी
केस-2
20 वर्षीय युवती पर सोशल मीडिया की दुनिया का इस कदर प्रभाव था कि वह माता-पिता से गुस्से में बात करने लगी थी। घर छोड़ने की धमकी देने लगी थी। युवती के माता-पिता ने बताया कि वह उन चीजों की मांग करने लगी थी, जो उनके बजट से बाहर थी। इसके कारण तनाव और घर में विवाद बढ़ने लगे थे। इस युवती की काउंसिलिंग की गई और उसे वास्तविक जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन दिया गया।