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Karnal News: दावे खोखले...राष्ट्रीय राजमार्ग पर 150 से ज्यादा जगह खुला है नाला

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क्टर चार के करीब खुला नाला। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर खुले नाले से हादसे हो रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारियों का दावा है कि हाईवे पर नाला कहीं भी खुला नहीं हैं, जबकि हकीकत यह है कि कोहंड से लेकर समानाबाहू तक 150 से ज्यादा जगहों पर नाला खुला है। हालात यह हैं कि हर 50 मीटर के बाद एक खुले नाले के पास हादसे के निशान भी मिलते हैं। कहीं ढक्कन टूट कर अंदर गिरे हुए हैं तो कहीं वाहनों के क्षतिग्रस्त पार्ट पड़े हुए हैं।
करनाल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कोहंड से लेकर समानाबाहू तक का 45 किलोमीटर के अप एंड डाउन में खुले नाले के कारण हालात खराब हैं। जनवरी माह में नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत के बाद भी अमर उजाला ने खुले नालों के हालात को उजागर किया था, उस समय भी काम शीघ्र शुरू होने का दावा किया गया था। अब बुधवार को तरावड़ी के पास रात में युवक की नाले में गिरने से जान चली गई। करनाल शहर में मेरठ रोड, कर्णेश्वर मंदिर, सेक्टर-7 मोड़, नई अनाज मंडी, देवी लाल चौक के पास कई जगह नाला खुला है।
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सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ तेजपाल, एडवोकेट संदीप राणा और शुभम का कहना है कि हाईवे पर मेन सड़क और सर्विस लेन के मध्य बरसात पानी की निकासी के लिए नाला है। करीब 4 फीट गहरे नाले का ढका होना जरूरी है। क्योंकि पूरे हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। ऐसे में रात में यदि वाहन चालक को खुला नाला किसी कारण से नहीं दिखाई दिया तो वह हादसे का शिकार होता है। बुधवार की रात को भी ऐसा ही हुआ, जब नीलोखेड़ी के बाइक सवार दोनों युवक नाले में गिर गए और एक की जान चली गई। अधिकारियों को इन नालों को दुरुस्त करना चाहिए।
नीलोखेड़ी : किसान बस्ती रोड और बस अड्डे के पास हालात खराब
नीलोखेड़ी क्षेत्र में कुरुक्षेत्र की तरफ जाते हुए किसान बस्ती रोड और बस अड्डे के पास खुले नाले के कारण सबसे ज्यादा हालात खराब हैं। इसके अलावा समानाबाहू के नजदीक करनाल और कुरुक्षेत्र की तरफ आने वाले दोनों रास्तों पर नाले खुले हैं और बरसात के कारण इनके पास पानी भी जमा है, इससे इनकी गहराई भी दिखाई नहीं पड़ती।

तरावड़ी : मिलों और स्कूल के सामने ही नाले खुले, गंदगी से अटे
तरावड़ी क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर राइस मिलों और प्रताप स्कूल के सामने खुले नाले से हालात ज्यादा खराब हैं। स्कूल में हजारों बच्चों और मिलों में सैकड़ों मजदूरों और लोगों का रोजाना आना जाना होता है। स्थानीय निवासी राममेहर ने बताया कि कई बार इनके कारण हादसे भी हो चुके हैं। खुले नाले और इसके आस-पास गंदगी के ढेर लगे हैं।

घरौंडा : नए बस अड्डे के सामने ही मौत का खुला नाला
घरौंडा क्षेत्र में नए बस अड्डे के सामने ही कई जगहों पर नाला खुला है। हालात यह हैं कि इसकी स्लैब टूटकर कई महीनों से नाले में गिरी हुई है, जिसे किसी ने ठीक कराना भी जरूरी नहीं समझा। यह हालात तब हैं जब कई बार विधानसभा अध्यक्ष भी व्यवस्था सुधारने के लिए नगर पालिका और हाईवे अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं।
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वर्जन
पिछले दिनों अभियान चलाकर खुले नालों पर ढक्कन लगाए थे। ज्यादातर नालों को कवर करवा दिया था। यदि कहीं नाला खुला है तो उसे ढक दिया जाएगा। लोगों को परेशानी नहीं होने देंगे। - भानू प्रताप, सेक्शन इंजीनियर, एनएचएआई
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