माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने बृहस्पतिवार को पार्षदों और पूर्व पार्षदों के फोन रिसीव नहीं करने पर अफसरों के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्हाेंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि फोन रिसीव नहीं करने वाले पर कार्रवाई के लिए एक्ट है, सजा का प्रावधान भी है। जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में शिकायत की थी कि अफसर उनके फोन न उठाकर किनारा कर लेते हैं। वह जनता की समस्याओं का समाधान नहीं करा पाते हैं।
इसी के साथ मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना के तहत दुकानदारों से चक्कर कटवाने, पूरी धनराशि जमा होने के बावजूद दुकान की रजिस्टरी नहीं करने की समस्या पर किराया सहायक को आड़े हाथों लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस कार्य में प्रगति नहीं दिखी तो वह खुद को निलंबित समझें। पोर्टल पर कार्य देखूंगा, संतोषजनक कार्य नहीं मिला तो हो सकता है एक सप्ताह बाद निलंबन का लेटर आ जाए।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना में जिले में कुल 920 पात्र किराया दुकानदार हैं। इनमें से 478 ने आवेदन दिए थे। उसमें से 64 आवेदन अप्रूव किए गए, कोई रिजेक्ट नहीं हुआ। 44 ऐसी दुकानें हैं, जो दूसरे विभागों की हैं। इनके दुकानदारों को भी मालिकाना हक देने के लिए सरकार एक एक्ट लाने पर विचार कर रही है। विधायकों व अन्य लोगों ने मंत्री को बताया कि निगम के किराया सहायक जितेंद्र मलिक ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, लोग पूरी धनराशि जमा करने के बावजूद निगम के चक्कर लगाने को विवश हैं। इस पर मंत्री ने उसे एक हफ्ते की मोहलत देते हुए निलंबन की चेतावनी दी।
मंत्री निर्देश दिया कि सफाई के लिए सरकार की ओर से जिस निजी कंपनी को ठेका दिया गया है, उसके पास कूड़ा उठान को लेकर वाहनों की संख्या पर्याप्त होनी चाहिए। टिप्पर वाहन एक दिन में कितने घरों से कूड़ा उठाते हैं, इसकी मॉनिटरिंग की जाए। घरों से कूड़ा शत प्रतिशत उठना चाहिए।
इस मौके पर घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर, असंध के विधायक शमशेर सिंह गोगी, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, महापौर रेणू बाला गुप्ता, निगमायुक्त अभिषेक मीणा सहित कई अधिकारी शामिल रहे। इससे पहले निकाय मंत्री महापौर रेणू बाला गुप्ता के आवास पर भी पहुंचे थे।
हिसार मॉडल के तहत शहर के सुंदरीकरण पर जोर
नगर निगम सभागार में अफसरों के साथ बैठक में हिसार मॉडल के तहत सड़कों, चौराहों आदि शहर के सुंदरीकरण पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में इसके लिए 50 प्रतिशत और नगर पालिका क्षेत्रों में 65 प्रतिशत हिस्सा सरकार देगी। निगम अधिकारियों से कहा कि निगम क्षेत्र में 10 से 20 किलोमीटर तथा पालिका क्षेत्रों में दो से पांच किलोमीटर लंबाई वाली सड़कों का चयन करके उनका सुंदरीकरण करें। सभी चौराहों पर ट्राइकलर की एलईडी लाइटें, सड़क किनारे लगे स्टैचू व फव्वारों पर बहुरंगी लाइट लगाकर शहर को नया लुक दें। पार्कों व श्मशान घाटों की चहार दीवारी कराकर जन सुविधाएं मुहैया कराएं। इस काम में ऑर्किटेक्ट या कंसल्टेंट ले सकते हैं। जहां तक खर्च की बात है तो इसमें नगर निगम क्षेत्र में 50 प्रतिशत और पालिका क्षेत्र में कुल व्यय का 65 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि यदि सड़कें एचएसवीपी और पीडब्ल्यूडी की हैं तो उनसे एनओसी ले लें। जन सुविधाओं की उपलब्धता, आपत्तियों का निस्तारण व प्रॉपर्टी आईडी इंटीग्रेशन राईट टू सर्विस के तहत निर्धारित समयावधि में निपटाने का निर्देश दिया।
कहां कितनी प्रॉपर्टी आईडी हुईं संबद्ध
डॉ. कमल गुप्ता ने प्रॉपर्टी आईडी को परिवार पहचान पत्र के साथ लिंक करने की जानकारी देते हुए नगर निगम में 1 लाख 66 हजार 739 प्रॉपर्टी में से 1 लाख 56 हजार 156 के इंटीग्रेशन पूरा हुआ है। निसिंग नगर पालिका में सभी 9 हजार 78 प्रॉपर्टी का इंटीग्रेशन पूरा हो गया है। घरौंडा की 18 हजार 800 में से 17 हजार 197, असंध नगर पालिका की 11 हजार 410 में से 7 हजार 833, तरावड़ी की 12 हजार 159 में से 12 हजार 403, नीलोखेड़ी की 8 हजार 26 तथा इंद्री नगर पालिका 5 हजार 398 में से 5 हजार 42 प्रॉपर्टी इंटीग्रेशन का काम पूरा हुआ है। निगमायुक्त व पालिका सचिवों से कहा कि जो कार्य अधूरा है, उसे प्रत्येक दशा में 15 अप्रैल तक पूरा करें।
31 जुलाई तक प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान पर 10 प्रतिशत की छूट
मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने वर्ष 2022-23 में करनाल नगर निगम द्वारा रिकॉर्ड प्रॉपर्टी टैक्स 33 करोड़ रुपये जमा कराने निगम अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि 1 अप्रैल 2023 से 31 जुलाई 2023 तक चालू वित्त वर्ष के प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। शहर में मुख्य चौक-चौराहों पर छूट का लाभ लेने की सूचना के होर्डिंग प्रदर्शित कर प्रचार प्रसार करने को कहा। निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिस वार्ड से भी किसी सड़क या अन्य विकास कार्य की मांग आती है, चाहे वह किसी नागरिक या पार्षद द्वारा की गई हो, उसे नगर दर्शन पोर्टल पर अपलोड करें। पार्षद, महापौर, विधायक या सांसद में से कोई भी जन प्रतिनिधि इसे वेरीफाई कर सकता है। इन कार्यों के लिए खर्च करने की सरकार से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। जितनी धनराशि का बजट पास किया जाता है, उसे वित्तीय वर्ष के अंत तक विकास कार्यों पर खर्च कर देना चाहिए।
सड़कों की बाउंड्री करें, अंदर वाहन खड़ा करने पर चालान
शहर में कोई कहीं भी वाहन पार्क कर देता है, जो जाम का सबब बनता है लेकिन स्थानीय निकाय मंत्री ने निर्देश दिया कि सड़कों की बाउंड्री लाइन की मार्किंग कराएं। उसके अंदर वाहन खड़े करने वाले का चालान करें। यह कार्य 31 मई तक प्रत्येक दशा में होना चाहिए।