करनाल में अंतरिक्ष परी डॉ. कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज को शहर से बाहर ले जाने का मामला अब राजनीतिक लोगों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों ने भी उठा लिया है।
हरियाणा ग्रामीण सशक्तीकरण एवं भ्रष्टाचार उन्मूलन मंच ने रविवार को लंबी रणनीति के साथ शहर में मेडिकल कॉलेज बनाने पर कड़ा एतराज जताया है। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि वे लोग इस मुद्दे को पूरे जिले के हर गांव तक ले जाएंगे।
इस मामले के लिए मंच के बैनर तले पहले दिन ही गांव ऊंचा समाना, बस्तली, कैरवाली, अमृतपुर, कालरम व अराईपुरा समेत छह गांवों के लोगों के बीच मुद्दे को ले जाया गया। पहले दिन ही इस मुद्दे पर तमाम ग्रामीणों ने मेडिकल कॉलेज को शहर से बाहर बनाने की राय को सही बताने के साथ-साथ कहा कि ऐसे बडे़ संस्थान दूरगामी सोच और दृष्टि के मद्देनजर शहर के बाहर के बाहर बनाए जाने चाहिए।
शहर में मेडिकल कॉलेज बनाने के विरोध के मुद्दे पर हरियाणा ग्रामीण सशक्तीकरण एवं भ्रष्टाचार उन्मूलन मंच के राज्य संयोजक एवं सेवानिवृत्त डीएसपी सुभाष शर्मा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में वॉलीबाल के गोल्ड मेडलिस्ट रहे गांव बस्तली निवासी यशवंत सिंह, ऑल इंडिया महाराणा प्रताप मेमोरियल फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतपाल राणा, बीएसएनएल पेंशनर्स एसोसिएशन के राज्य महासचिव कुंदनलाल और गांव ऊंचा समाना के पूर्व सरपंच ओमबीर सिंह समेत कई लोगों ने घरौंडा और निसिंग ब्लॉक के गांवों में पहुंचकर लोगों की इस मुद्दे पर सहमति ली।
इन लोगोें की टीम ने सभी छह गांवों के लोगों को बताया कि मात्र 43 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा मेडिकल कॉलेज बेहद छोटी जगह में है। मेडिकल कॉलेज कम से कम आने वाले 100 साल में बढ़ने वाली आबादी को ध्यान में रखकर शहर के बाहर बनाया जाना चाहिए। शहरों में पहले ही तंगी होती है। मेडिकल कॉलेज बनाया गया तो ट्रैफिक दबाव बेहद बढ़ जाएगा। ट्रैफिक के धुंए से होने वाले प्रदूषण से न केवल शहर बदरंग होगा, बल्कि रोगियों पर भी इसका दुष्प्रभाव पडे़गा।
ऐसे स्थानों पर पैसा बार-बार नहीं लगाया जा सकता है। आने वाले दस साल बाद ही इस मेडिकल कॉलेज के एक्सटेंशन की आवश्यकता महसूस होने लगेगी। शहर में स्थान नहीं होने के कारण इसका विस्तारीकरण भी शहर के बाहर ही करना होगा। अच्छा रहेगा कि पहले ही यह काम किया जाए। चुनाव से पहले ही सरकार हाईवे के साथ लगते घरौंडा से लेकर नीलोखेड़ी तक करीब 40 किलोमीटर की लंबाई के दायरे में किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में बनाने के लिए काम शुरू कराने का काम करे।
इन लोगों ने कहा कि इन गांवों में कम से कम वे लोग पहले दिन ही पांच सौ से अधिक लोगों से मिले हैं। इन लोगों ने इस मामले को सही बताते हुए कहा कि जनता के खून पसीने की गाढ़ी कमाई को बार-बार बर्बाद करने के बजाय एक बार में ही अच्छे ढंग से अगले 100 साल की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। मंच के बैनर तले जुडे़ संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि वे लोग भले ही अलग-अलग संगठनों से हैं लेकिन सामाजिक सरोकार के मुद्दे पर एक हैं।
वे लोग इस मुद्दे के लिए जिलेभर के चार सौ गांवों में जाएंगे। लोगों को इस मुद्दे के प्रति जागरूक करेंगे। जिलेभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। बाद में राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भेंट की जाएगी।
कम से कम सौ एकड़ में बने मेडिकल कॉलेज
करनाल में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य सुरेश गुप्ता मतलौडा ने कहा कि कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज को शहर में बनाने की विधायक की जिद्द करनाल के लिए दिक्कतें पैदा कर देगी।
लोगों को गंभीरता से समझना चाहिए कि जब सारे प्रोजेक्ट शहर से बाहर भेजे जा रहे है तो मेडिकल कॉलेज को शहर के अंदर क्यों बनाया जा रहा है। वे इसी मुद्दे के लिए लोगों में जागरूकता पैदा कर रहे हैं कि शहर के अंदर कॉलेज बनाने के पीछे विधायक का निजी स्वार्थ है।
इसके निर्माण से विधायक की प्रॉपर्टी के दाम बढे़ंगे, मगर शहर का दायरा इतना सिकुड़ जाएगा कि आम आदमी का पैदल निकलना भी मुश्किल होगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे मेडिकल कॉलेज को बाहर बनवाने की मुहिम में उनका साथ दें ताकि भविष्य का करनाल विकसित हो। मतलौडा रविवार को वार्ड नंबर 14 में जन जागृति यात्रा के माध्यम से जनसंपर्क कर रहे थे।
उन्होंने न्यू रमेश नगर से शुरुआत करके सदर बाजार, इंदिरा कॉलोनी, भीम नगर, भक्त मंडी, दयालपुरा, पहाड़गंज, बांसों गेट, लाल कुआं, जुंडला गेट, भाटो मोहल्ला, लाडो भगड़ी, पुरानी अनाज मंडी, गोविंद कॉलोनी व सिटी थाना एरिया में हस्ताक्षर अभियान चलाते हुए 2200 घरों को कवर किया। यात्रा के दौरान अभियान के प्रति लोगाें का जनून देखने के लिए लायक था।
भारी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने पूरे उत्साह से यात्रा का समर्थन व स्वागत किया। विभिन्न मोहल्लों में फूल मालाओं व ढोल मंजीरों से पद यात्रियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में सुरेश गुप्ता ने जुंडला गेट में एकत्रित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में करनाल में कांग्रेस का विधायक होने के बावजूद भी समुचित विकास नहीं हुआ।
करनाल में गरीब लोगों को 50 गज का प्लॉट सरकार मुफ्त उपलब्ध कराए व उसे बनाने के लिए कम से कम एक लाख का अनुदान दे। 26 जनवरी 2010 को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज निर्माण की घोषणा झज्जर में सीएम ने की थी। 18 नवंबर 2012 को इसका शिलान्यास किया गया। स्थानीय विधायक के उदासीन रवैये के चलते इसके निर्माण में कोई प्रगति नहीं हुई।
उनके नेतृत्व में जनजागृति पदयात्रा के शुरू होने व जनता के भारी सहयोग मिलने से ग्रांट जारी हुई। मेडिकल कॉलेज को कम से कम 100 एकड़ में बनाया जाए। मौके पर सरदार सुखराम बेदी, जोगेंद्र वाल्मीकि, संजीव कंबोज, पूर्व पार्षद कृष्ण गोपाल, मनीष गोयल, रवि सौदा, लाला सतनारायण, वीर भान वाल्मीकि, गौतम जैन, विजय सैनी, सुभाष गुप्ता, नरेंद्र मित्तल व कपिल गुप्ता मौजूद थे।