करनाल। शहर के कई वार्डों में बिजली तारों का जंजाल है। इनमें से वार्ड एक व दो का क्षेत्र ऐसा है जिनके पास उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम का 33 केवी पावर हाउस लगता है। इन वार्ड में आरके पुरम पार्ट एक व दो, शक्ति पुरम व वसंत विहार का एरिया ऐसा है जहां से बिजली की एचटी लाइन गुजर रही है। बिजली निगम इसका कोई ठोस समाधान नहीं खोज पाया है। लोगों का कहना है कि पावर हाउस रिहायशी क्षेत्रों से बाहर निकालना ही स्थाई समाधान है।
विदित हो कि जिस समय यह पावर हाउस बनाया गया था उस समय यहां रिहायशी क्षेत्र नहीं था। देखते ही देखते कॉलोनाइजरों ने अवैध कॉलोनियों का ऐसा मक्कड़जाल बुना कि बिजली की हाईटेंशन तारों के नीचे भी प्लाट काट दिए। शहर के वार्ड एक व दो ऐसे क्षेत्र है शहर की सबसे ज्यादा आबादी बसती है। इसके बाद शहर का लाइन पार एरिया आता है वहां भी जनसंख्या काफी है। घरों के ऊपर गुजर रही हाईटेंशन तारों के कारण लोग अपने घरों में ही भय के माहौल में जी रहे हैं। यहां कुछ घर तो ऐसे हैं जहां पर आगे से या फिर कुछ दूरी पर ही बिजली तारें निकली हुई हैं तो कहीं खंभों पर ही बिजली के नीचे ही मीटर लगे हुए हैं। इसकी वजह से उनको हमेशा हादसों का अंदेशा बना रहता है। यहां के बाशिंदो का कहना कि बिजली निगम द्वारा जल्द से जल्द तारों का स्थायी समाधान करवाना चाहिए। अगर खंभों की बात करें तो कई जगह पर खंभे टेढ़े हो चुके हैं तो कई जगह पर घर के रेंप पर ही खंभे खड़े हैं। हालांकि बिजली निगम की टीमें इस प्रकार की समस्याओं के समाधान के लिए सर्वे करती रहती है लेकिन अभी तक कोई उचित समाधान नहीं हो पाया है। अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो कभी भी कोई हादसा हो सकता हैं।
लोगों का कहना है कि बिजली के खंभों पर मीटर नीचे ही लगे हुए हैं जिनकी व्यवस्था राम भरोसे हैं। कई जगह तो मीटर के ढक्कन टूटे पड़े हैं तो कई जगह चोरी हो गए हैं। अगर किसी बच्चे का गलती से हाथ लगा जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। यहां पर सड़कों के बीचों-बीच लटकी तारे वाहनों में लगकर भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
शहर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन काफी लंबे समय से है। यहां पर लोगों के प्लांट व रहन-सहन बाद में शुरू हुए, ऐसे में यहां से लाइनों को तुरंत स्थानांतरित करना तो संभव नहीं। सरकार के आदेश अनुसार लाइनों को भूमिगत करने या फिर पावर हाउस शिफ्ट करने का प्रपोजल यदि भविष्य में आता है तो तारों को व्यवस्थित किया जा सकता है। बिजली निगम की ओर से समय समय पर बिजली लाइनों को कसा जाता है। - नीरज कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम