माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सेक्टर-5 में श्रीराम मंदिर के साथ कब्जे की जमीन पर बनीं चहारदीवारी पर प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई की। जेसीबी से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की टीम ने चहारदीवारी के साथ-साथ संस्था की बनी हुई रसोई और कमरे को भी गिराया।
पुलिस की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों एवं संस्था की प्रबंधन समिति ने भी विरोध जताया। इसके बाद एचएसवीपी के संपदा अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। बाद में स्थानीय पूर्व पार्षद प्रतिनिधि संकल्प भंडारी और स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद वे शांत हुए। सेक्टर-5 में श्रीराम सेवा सदन का मंदिर है। इनके साथ खाली छह प्लॉटों पर करीब 10 वर्ष से रसोई व यज्ञशाला आदि बने हुए थे।
एचएसवीपी के जेई रामपाल आर्य के अनुसार, जिस जमीन पर नगर खेड़ा, रसोई, यज्ञशाला आदि बने हैं, यह जमीन विभाग की है और संस्था के अधीन नहीं आती। इस जमीन को अब ई-ऑक्शन में बेचा जा चुका है। ऐसे में संबंधित लोगों को जमीन का कब्जा देना है, इसलिए उसे कब्जा मुक्त कराया गया है।
इधर, संस्था के प्रधान रामपाल का कहना है कि विभाग हमें नोटिस देता तो हम खुद दीवार हटा देते। जो प्लॉट विभाग ने बेचा है, इसके बदले में मंदिर की ओर से साथ लगती जमीन दे देते, लेकिन अधिकारियों ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। मौके पर पहुंचे पूर्व पार्षद प्रतिनिधि संकल्प भंडारी ने कहा कि इस मामले को लेकर एसडीएम, एचएसवीपी संपदा अधिकारी और विधायक के साथ भी बैठक हुई थी। तब भी शांतिपूर्वक कब्जा हटाने पर सहमति बनी थी। मंदिर के कोषाध्यक्ष रतन लाल का कहना है कि लेकिन अब एचएसवीपी की टीम ने अचानक कार्रवाई करके आस्था को ठेस पहुंचाई है। अब संस्था के सदस्य विधायक जगमोहन आनंद से मुलाकात करेंगे।