प्रदेश से लाल डोरा खत्म करने की शुरूआत के लिए गांव सिरसी में सजे मंच से सरकार ने विभिन्न योजनाओं के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े पर अंकुश और हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के मिशन को भी हरी झंडी दी है। मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना जहां योजनाओं का लाभ लेने के लिए गरीबों को समृद्ध बनाएगी। वहीं परिवार पहचान पत्र पात्र व्यक्ति के लिए बीपीएल कार्ड की तरह काम करेगा। रविवार को हुए कार्यक्रम में सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने रिमोट का बटन दबाकर योजना को प्रदेश में लांच किया। सरकार ने 31 मार्च तक प्रदेश के 20 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं परिवार सदस्य संख्या का रियल टाइम बेसिस रिकॉर्ड रखने के लिए सरकार ने नागरिक संसाधन सूचना विभाग का गठन किया है। अटल सेवा केंद्र, सरल केंद्र और ग्राम सचिवालय से परिवार पहचान पत्र बनवा सकते हैं।
छह हजार रुपये से होगा योजनाओं के प्रीमियम का भुगतान
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव उमा शंकर के अनुसार, मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना समाज के हर गरीब व्यक्ति को आगे के जीवन में सरकार की योजनाओं का लाभ मिलता रहे, इसकी व्यवस्था है। इसमें योजना में पात्र परिवार को छह हजार रुपये वार्षिक दिए जाएंगे। वहीं 1.80 लाख रुपये वार्षिक आय और 5 एकड़ से कम जमीन वाले परिवार को इसका पात्र माना जाएगा। इस छह हजार रुपये से सरकार की अनेक योजनाएं जिनका प्रीमियम लाभार्थी को देना होता था, उसका भुगतान अब इस योजना से सरकार द्वारा किया जाएगा। वहीं योजनाओं में प्रीमियम के भुगतान के बाद जो राशि बचेगी वो लाभार्थी के बैंक खाते में आएगी। परिवार पहचान पत्र बनवाने के बाद इसका लाभ ले सकते हैं।
जानिए.. किस योजना में कैसे मिलेगा लाभ
1. प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना : पात्र परिवार में यदि कमाने वाले की मृत्यु हो जाए। परिवार को आर्थिक मदद के लिए सरकार की ओर से यह योजना चलाई गई है। इसमें 18 से 40 वर्ष की आयु के व्यक्ति को 330 रुपये सालाना जमा कराना होता है। अचानक मृत्यु पर परिवार को 2 लाख रुपये मिलते हैं। अब ये 330 रुपये का प्रीमियम लाभार्थियों के लिए सरकार जमा कराएगी। अगर परिवार में तीन ऐसे सदस्य हैं। जिनकी आयु सीमा इसके अंदर आती है तो उनके पैसे 990 रुपये सरकार देगी।
2 प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना : हादसे में मौत पर सरकार की ओर से दो लाख रुपये और अपंग होने पर एक लाख रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए लाभार्थी को 12 रुपये सालना जमा कराना होता है। अगर परिवार में ऐसे पांच सदस्य हैं। जिनकी आयु 18 से 70 साल है। तो उनके 12 रुपये के हिसाब से 60 रुपये अब मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत सरकार देगी।
3. मानधन योजना : इसमें तीन वर्ग है, कमेरा, किसान और व्यापारी। तीनों के लिए इस योजना में मासिक पेंशन 3000 महीने रखी गई है। जिसके लिए आयु 18 से 40 वर्ष हो तो उसका प्रीमियम लाभार्थी को 55 से 200 रुपये के बीच (आयु के हिसाब से) देना होता है। ये पैसे भी अब सरकार मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना के तहत देगी।
परिवार पहचान पत्र-
रियल टाइम बेसिस डाटा होगा तैयार, पात्र को मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने हर व्यक्ति को योजना का लाभ देने के लिए परिवार पहचान पत्र भी शुरू किया है। आधार कार्ड में जैसे संबंधित व्यक्ति की पहचान होती है। वैसे इसमें पूरे परिवार की रहेगी। बच्चे के जन्म, सदस्य की मृत्यु व शादी होने पर घर में आने वाले नए सदस्य का डाटा इसके माध्यम से तुरंत अपडेट होगा। सीएम ने बताया कि जितने भी श्मशान घाट या कब्रिस्तान है उनका रजिस्ट्रेशन कर दिया है। ताकि वहां से डाटा अपडेट हो सके। रियल टाइम बेसिस पर हर परिवार की संख्या और अन्य जानकारियां अब हर वक्त पर अपडेट होंगी। इसमें पढ़ाई, नौकरी, स्वास्थ्य, परिवार की आय आदि शामिल हैं। अभी हर विभाग हरियाणा में परिवारों की संख्या अलग-अलग बताता है। ऐसे में योजनाएं ठीक से नहीं बनती। इस तरह का रिकॉर्ड रखने के लिए हमने नागरिक संसाधन सूचना विभाग बनाया है।
हथेली गर्म करने वाले का बनता था बीपीएल, अब ऐसा नहीं चलेगा : सीएम
सीएम मनोहर लाल ने कहा कि अभी यह समस्या भी आती थी कि गरीब कौन है। बीपीएल के कार्ड बनाते हैं, तो उस समय भी जांच के नाम पर 20 झमेले होते हैं। जो जांच करने वाला था वो भी कहता था कि ला हथेली गर्म कर कार्ड बन जाएगा। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा, जिस परिवार की सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम है, उन सभी को बीपीएल का लाभ मिल जाएगा। इसके अलावा साठ साल की आयु पूरी करने वाले व्यक्ति की सामाजिक पेंशन बन जाएगी और परिवार का भविष्य सुरक्षित होगा।
मुख्यमंत्री परिवार समृद्धि योजना में 31 मार्च तक 20 लाख परिवारों को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परिवार समृद्धि योजना से व्यक्ति, परिवार, प्रदेश व देश समृद्धि होगा और इसके दूरगामी परिणाम मिलेंगे। सरकार की ओर से ग्रामीणों के लिए जो योजनाएं दी जा रही हैं, उन सबका लाभ इसी योजना से मिलेगा। हर परिवार की अलग पहचान हो और हरियाणा में परिवारों की संख्या का रियल टाइम डाटा रहे, इसलिए परिवार पहचान पत्र बनाए जा रहे हैं।
-मनोहर लाल, मुख्यमंत्री हरियाणा।