संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। कलरी जागीर गांव स्थित राजीव गांधी खेल परिसर सुविधाएं शून्य और समस्याओं का अंबार है। चारों ओर बड़ी-बड़ी घास उग आई है। बास्केटबॉल कोर्ट बस नाम के लिए है। पोलों में जंग लगा है, उनकी रिंग टूटकर गिर चुकी है। घास इतनी बड़ी हो गई है कि मैदान में लोग पशु चराने आ जाते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम अब खेलने के योग्य नहीं रहा।
युवा खेल परिसर में अभ्यास करने के आते तो हैं लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण निराश होकर वापस लौट जाते हैं। इस स्टेडियम का निर्माण कबड्डी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट व बास्केटबॉल जैसे खेलों के लिए किया गया था। खेल परिसर में बने ट्रैक की हालत खस्ता हो चुकी है। भवन जर्जर हो चुका है। छत पर पौधे उग आए हैं। भवन की दीवारों पर कई जगह दरारें आ गई हैं। पीने के पानी के लिए केवल एक हैंडपंप है। छत पर रखी पानी की टंकी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। खेल मैदान में लोग अपने पशु को चराने के लिए ले आते हैं। बास्केटबॉल पोल पूरी तरह से जंग खा चुके हैं। रिंग टूटे चुकी हैं। खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए विभाग की ओर से कोई कोच नहीं है। रात में देखरेख के लिए कोई सुरक्षाकर्मी नहीं है।
ग्रांट नहीं मिली
गांव के सरपंच दीपक गर्ग ने कहा कि लगभग छह एकड़ में फैला खेल परिसर 15 वर्ष पहले बना था। ग्राम पंचायत ने अपनी आमदमी से खेल परिसर की समय‑समय पर सफाई कराई। जिम उपकरण आदि उपलब्ध कराए लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ग्रांट नहीं मिली है। देखरेख के अभाव में हालत बिगड़ती जा रही है। खिलाड़ियों ने अभ्यास करना भी अब कम कर दिया है। पंचायत ने कई बार उच्च स्तर पर सुविधाओं की मांग की लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
विद्युत कनेक्शन तक नहीं
ग्रामीण संजय ने बताया कि गांव के युवा खेल के लिए उत्सुक हैं लेकिन कोई सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्होंने खेल परिसर में आना बंद कर दिया है। खेल विभाग को कई बार ग्रामीणों ने लिखित में शिकायत दी कि ट्रैक, पिच, उचित जल व्यवस्था और नियमित रख‑रखाव सुनिश्चित करें। स्टेडियम में विद्युत कनेक्शन भी नहीं है। पंखे, कुर्सियां व योगा मैट जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जानी चाहिए।